बहरासी साप्ताहिक बाजार में पानी की किल्लत..मोटर पंप,पानी टंकी बने शोपीस… पीएचई विभाग मौन…ठेकेदार का गैर जिम्मेदाराना जवाब कहा: इस संबंध में सभी जानकारी कार्यालय में जमा वही बताएंगे..जल जीवन मिशन की धज्जियां उड़ाता पीएचई विभाग

सतीश मिश्रा
जनकपुर/ भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन एक ओर जहां जल जीवन मिशन के द्वारा एक एक घर में पानी की सुविधा मौहैया कराने हेतु करोड़ों अरबों की फंडिंग कर रहा है
वही वनांचल जनकपुर का साप्ताहिक बाजार कई वर्षों से इस योजना की बुरी मार झेल रहा है और मूकदर्शक पीएचई डिपार्टमेंट अपना पल्ला झाड़ने में लगा हुआ है।

आपको बता दें जब यह मिशन बना था तब जल जीवन मिशन का लक्ष्य ग्रामीण भारत के सभी घरों में 2024 तक व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना था किंतु क्या आज दिनांक तक इस योजना का सही क्रियान्वयन हुआ है?

विदित हो कि बहरासी साप्ताहिक बाजार में बना पानी का टंकी, मोटर पंप सब खराब पड़े है छात्रावास के पीछे भी हैंडपंप आदि खराब पड़े है। इसके साथ ही जनकपुर विकासखंड के कई ग्राम पंचायतों का पानी मोटर बिगड़ने,हैंडपंप खराब होने और जल की कमी से अत्यधिक बुरा हाल है।

सैकड़ों हजारों की संख्या में ग्रामीण पानी को तरस रहे है या तो ढोढ़ी,नाला उबला पर निर्भर है। बहरासी के नागरिक इस पर भी आश्रित नहीं है क्योंकि ग्राम में जो तालाब है उसका जल दूषित है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। नदी भी लगभग 5 किमी की परिधि पर है जहां से ढोकर पानी लाना संभव नहीं है ।

विगत दिनों अखबारों ने प्रमुखता के साथ ग्रामीणों के इस समस्या का प्रकाशन किया था तब विभाग के एसडीओ श्री चंदेल द्वारा जानकारी मिली थी कि मोटर पंप खराब है। टेकेदार को बोला गया है रिपेयरिंग के लिए। ग्रामीणों की माने तो यह जब से बना है तभी से लोगो को कोई लाभ नहीं मिला है। विभाग हालांकि इस आरोप को दरकिनार करते हुए उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की तर्ज पर निरीह आदिवासियों पर ही सुविधा नही मिलने का कारण मढ रहा है। इधर उक्त कार्य का ठेकेदार बैकुंठपुर निवासी संजय गुप्ता से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि मोटर पंप का स्टार्टर खराब है और वह बनने को दिया गया है।

मिस्त्री जैसे ही रिपेयर करके देता है ग्रामीणों को पानी मिलने लगेगा। जिसमे एक सप्ताह का समय लगेगा ।

इस बात को लगभग पखवाड़ा बीत जाने और ग्रामीणों के परेशानी को देखते हुए जब विभाग से संपर्क किया गया तब ना तो एसडीओ साहब ने कोई जवाब दिया ,ना तो ईई ने ही इस संबध में वार्तालाप करना उचित समझा, और जब पुनः ठेकेदार से जानकारी लेनी चाही तो उनका कहना था: मैं इस संबंध में कुछ नही कहूंगा।

सारी जानकारी कार्यालय में जमा है। वही से जानकारी ले लें।सूत्रों के हवाले से जानकारी यह भी मिली है कि ठेकेदार द्वारा सही कार्य नही कराया कराया गया है ना तो पाइप लाइन में मानक कार्य हुआ है ना तो बिछाव और खुदाई करके लोगो के घरों में पहुंचने तक,साथ ही मैटेरियल का भी उचित प्रयोग नही हुआ है।।फिर ऐसा गैर जिम्मेदाराना जवाब देना यह बता रहा है कि उन्हें संरक्षण प्राप्त है। जबकि उनसे प्रश्न पूछना प्रत्येक व्यक्ति संवैधानिक अधिकार है और जवाब न देना बता रहा है कि आपने भ्रष्ट कार्य किया है अनियमितता की है।
यह दिखा रहा है कि देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के आशान्वित योजनाएं किस तरह भ्रष्ट व्यस्था के मकड़ जाल में नाकामी को दर्शा रही है और दूसरी तरफ ऐसे बिचौलिए अपना झोली भरके ग्रामीणों को तरसने छोड़ रहे है।ग्रामीणों और सूत्रों की माने तो जनकपुर में पीएचई विभाग के अधिकारी से लेकर ठेकेदार की सांठ गांठ के कारण ही उक्त बहरासी बाजार में जल जीवन मिशन नल जल योजना का बंदरबाट हुआ है।
सुख की जिंदगी जीने वाले,दूसरे के अधिकार का हनन करके अपना झोली भरने वाले भ्रष्ट अधिकारियों से सकारात्मक कार्य और जवाब की उम्मीद कैसे की जा सकती है इसके लिए ग्रामीणों का कहना है कि वे धरना प्रदर्शन हड़ताल तक करने को तैयार है। इस पूरे मामले में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से अपील किया है कि उक्त बहरासी बाजार में स्थापित जल जीवन मिशन का पानी टंकी ,मोटर पंप को चालू कराने की कृपा करें ताकि आने वाले भीषण गर्मी ज्येष्ठ के महीना में लोग बूंद बूंद पानी को ना तरसे।
दिनन को ना सताइए।
जाकी मोटी हाए।।



