फेंसिंग,जाली,तार, गायब वीरान पड़े भवन, खिड़की दरवाजा तक चोरी ये है गौठान योजना
पूर्ववर्ती सरकार के करोड़ों अरबों के "नरवा गरुआ घुरवा बाड़ी" योजना अंतर्गत सभी कार्य फेल

भ्रष्टाचार व बंदरबाट का सुंदर उदाहरण “हमर गौठान” ग्राम पंचायत में बने गौठान दुर्दशा में क्या यह जनता के रूपयों का दुरुपयोग नहीं?
वर्तमान सरकार गौठानो में चलाएगी “गौधाम योजना” ठप्प गौठानो में अतिरिक्त राशि का व्यय भार
एस. के.”रूप”
बैकुंठपुर–कोरिया/ छत्तीसगढ़ शासन की पूर्ववर्ती सरकार ने “नरवा गरूआ घुरवा बाड़ी” योजना बनाई थी इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में गौठानों का निर्माण कराया गया जिसमें करोड़ों अरबो रुपए खर्च किए गए यह योजना भ्रष्टाचार का, बंदरबाट का बढ़िया स्रोत बन गया।
इस पर तत्कालीन विपक्ष ने भारी भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया था विधानसभा चुनाव के पहले मांग की गई थी कि चारा घोटाले की तर्ज पर ही गौठान घोटाले की सीबीआई जांच की जाए भाजपा विधायक व पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने गौठानों के नाम पर 1300 करोड रुपए के भारी दुरुपयोग व घोटाले का आरोप तत्कालीन प्रदेश सरकार पर लगाया था लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के 2 वर्ष बाद भी गौठानों का हाल बद से बत्तर ही है। सीएम श्री साय के नेतृत्व में चलने वाली भाजपा सरकार ने इस योजना को पहले की तरह चलने के मूड में है लेकिन अब इसका नाम “गोधाम” होगा! गौठानों में पुनः संसाधन जुटाने हेतु अतिरिक्त राशि का व्यय उत्पन्न होगा यह जनता के राशि का दुरुपयोग नहीं तो और क्या है?

विदित हो कि गौठान में आवारा पशुओं के आवास भोजन व चिकित्सा सुविधा, वर्मी कंपोस्ट निर्माण, जैविक खाद निर्माण स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना था लेकिन यह योजना फ्लॉप ही साबित हुई रोका छेका की तरह ही।

आपको बता दें प्रदेश के कोरिया जिले के सरई गहना ग्राम पंचायत मुड़ी झरिया आदि स्थानों में गौठान अब जमीनदोज हो गए हैं यही हालत समूचे प्रदेश में अधिकतर देखने को मिल जाएगा। गौठा का नामोनिशान नहीं बच रहा है सरई गहना गौठान 3.82 लाख रुपए में बनकर तैयार हुआ वर्तमान में फेंसिंग जाली तार चोरी हो गया है। बारवेट वायर लगाए गए थे वह भी गायब है। दरवाजे चोरी हो गए हैं शेड भी नहीं है। भवन वीरान पड़ा हुआ है। यहां तक की खिड़की व दरवाजे भी गायब हो गए हैं अगर संचालन बढ़िया होता योजना का सही ढंग से क्रियान्वयन होता तो चोरी नहीं होती। संसाधन बढ़िया रहता शासन पर गौधाम योजना शुरू करने के लिए राशि का अतिरिक्त भार नहीं पड़ता साथ ही सड़कों पर आवारा मवेशी अपना आशियाना नहीं बनाते और दुर्घटनाओं में पशुधन व मानव धन असमयकाल के गाल में नहीं समाता। सरई गहना गौठान अपने अस्तित्व को रो रहा है यहां चोरी के वारदात बढ़ रहे हैं। इस संबंध में थाना व जनपद में शिकायत की गई है। ऐसी जानकारी मिली है लेकिन अब तक शासन का कोई जिम्मेदार व्यक्तित्व नहीं पहुंचा है। उच्च अधिकारियों को तत्काल ध्यान आकर्षण की आवश्यकता है।



