पिता-पुत्र पर लाठी-डंडे से हमला, पुलिस पर पक्षपात का आरोप
मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में, पीड़ितो को न्याय की उम्मीद

पटना –महोरा (कोरिया)/कोरिया जिले के ग्राम महोरा, तहसील पटना में भूमि विवाद को लेकर गुरुवार, 23 अप्रैल को एक गंभीर घटना सामने आई। अपनी भूमि पर मेड निर्माण कार्य कर रहे सुनील जायसवाल और उनके पुत्र अर्पित जायसवाल पर गांव के ही ध्रुवनाथ तिवारी, ओमप्रकाश तिवारी और सोनू तिवारी सहित अन्य ने लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले में अर्पित जायसवाल के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें तत्काल पटना चिकित्सालय में भर्ती किया गया प्रारंभिक उपचार उपरांत जिला अस्पताल बैकुंठपुर रिफर कर दिया गया ।

सूत्रों के अनुसार, हमलावर पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति के रहे हैं और उन पर पूर्व में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पीड़ित परिवार ने बताया कि कार्य प्रारंभ करने से पूर्व संभावित विवाद की सूचना स्थानीय थाना को दी गई थी, किंतु पुलिस ने इसे “राजस्व मामला” बताते हुए हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
*पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे सवाल*
पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने घटना की गंभीरता को नजरअंदाज कर दोनों पक्षों पर समान धाराओं में अपराध दर्ज कर दिया, जबकि हमलावरों को कोई भी शारीरिक क्षति नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस लापरवाही से अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं और पीड़ितों को न्याय पाने में कठिनाई हो रही है।
*एसपी से न्याय की मांग*
घटना के बाद सुनील और अर्पित जायसवाल ने पुलिस अधीक्षक, कोरिया को उक्त मामले की जानकारी दी है उन्होंने प्रशासन से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की अपील की है।
*ग्रामीणों में रोष, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग*
गांव में इस घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है।
*जांच के आदेश की संभावना*
सूत्रों के मुताबिक, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन द्वारा शीघ्र ही उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए जा सकते हैं। पीड़ित पक्ष को उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच से दोषियों को न्यायिक सजा मिलेगी और क्षेत्र में शांति स्थापित होगी।



