UPSC में दर्शना सिंह ने रचा इतिहास, ऑल इंडिया रैंक 383 के साथ IPS के लिए चयनित
पूरे चांग भखार को किया गौरांवित

एमसीबी/ जनकपुर चांग-भखार क्षेत्र के लिए यह अत्यंत गौरव और खुशी का क्षण है। जनकपुर (भगवानपुर) निवासी अरुण सिंह की सुपुत्री दर्शना सिंह (ग्रेसी) ने अपने दूसरे ही प्रयास में देश की प्रतिष्ठित UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 383 प्राप्त कर IPS के लिए चयनित होकर न केवल अपने माता-पिता बल्कि पूरे जनकपुर और चांग-भखार क्षेत्र का नाम गर्व से ऊँचा कर दिया है।दर्शना के पिता शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालक हैं एवं माता नगर पंचायत जनकपुर की पार्षद हैं

दर्शना सिंह की यह शानदार सफलता मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प का प्रेरणादायक उदाहरण है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आई है।
दर्शना सिंह ने अपनी सफलता पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने UPSC 2025 परीक्षा में 383वीं रैंक हासिल की है और यह उनका दूसरा प्रयास था जिसमें उन्हें सफलता मिली। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के लिए वह अपने माता-पिता, परिवार और पूरे गांव की आभारी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जनकपुर (भगवानपुर) से 12वीं तक हुई है। इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
दर्शना की माता सीमा सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर बेहद गर्व है। उन्होंने बताया कि दर्शना ने कठिन परिश्रम और लगन से यह मुकाम हासिल किया है, जिससे पूरा परिवार बेहद खुश है।
वहीं पिता अरुण सिंह ने बताया कि दर्शना बचपन से ही मेधावी रही है। पहली से पांचवीं तक उसने न्यू लाइफ इंग्लिश हायर सेकेंडरी स्कूल जनकपुर में पढ़ाई की, इसके बाद छठवीं से नवमी तक मॉडल स्कूल में और नवमी से बारहवीं तक मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जनकपुर भगवानपुर में अध्ययन किया। बारहवीं कक्षा में उसने डीएवी बोर्ड में छत्तीसगढ़ स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। इससे पहले भी वह UPSC में इंटरव्यू तक पहुंच चुकी थी।

उन्होंने बताया कि दर्शना आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त कर चुकी हैं और अब IPS के लिए चयनित होकर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। अरुण सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि उनके परिवार, क्षेत्र और समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अपनी आस्था व्यक्त करते हुए बताया कि उनका परिवार मां चांग देवी का भक्त है और वे हर गुरुवार मंदिर जाते हैं। आज भी इस खुशी के अवसर पर वे मां चांग देवी के दर्शन करने जाएंगे।
दर्शना सिंह की इस ऐतिहासिक सफलता पर जनकपुर और आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर है और लोग उन्हें लगातार बधाइयाँ दे रहे हैं।



