छत्तीसगढ़

सी सी सड़क निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार, अधिकारियों की मौन स्वीकृति, नाबालिक बने मजदूर…

[responsivevoice_button voice="Hindi Male"]

एमसीबी/ ग्राम पंचायत जोल्गी के आश्रित ग्राम छपराटोला में जनपद पंचायत विकास निधि योजना के तहत छपराटोला स्कूल तिराहा से स्वामी दीन के खेत तक सिसी सड़क निर्माण कार्य करवाया जा रहा है जिसकी स्वीकृत राशि 5 लाख रुपए है। जिसकी निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत जोल्गी है। इस सीसी निर्माण कार्य में किसी मापदंड का पालन नहीं किया जा रहा है। सीधे मिट्टी के ऊपर सीमेंट की ढलाई कर दी जा रही है। जब की सीसी सड़क निर्माण कार्य करने के पहले 15 सेंटीमीटर गड्ढा खोदना होता है और उस गड्ढे पर रेत डालकर जमीन को लेबल कर बराबर किया जाता है, जिसके ऊपर पन्नी बिछाई जाती है उसके बाद फिर पन्नी के ऊपर कंक्रीट से सी सी सड़क निर्माण कार्य किया जाता है। जिस सीसी सड़क निर्माण कार्य में भी हर तीन मीटर पर जॉइंट दिया जाता है। जिससे कभी सीसी सड़क में दरारें आए तो पूरी सड़क खराब न हो। सी सी सड़क की ढलाई भी 8 इंच की मोटाई से करनी होती है।
इस सीसी सड़क निर्माण कार्य में मजदूरों की जगह विद्यालय में पढ़ने बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है वो भी एक नहीं 4 नाबालिक छात्रों से मजदूरी करवाई जा रही है जो कक्षा 9वीं के छात्र हैं।
ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि ग्राम पंचायत निर्माण एजेंसी होने के बावजूद भी इस निर्माण कार्य में किसी मानक का उपयोग नहीं किया जा रहा, ना रोड में रेत बिछाया गया,ना ही पन्नी बिछाई गई मसाले का भी उपयोग सही तरीके से नहीं किया जा रहा, जहां एक तगाड़ी समेंट में 6 तगाड़ी रेत और आठ तगाड़ी गिट्टी मिलाया जा रहा है। एक भी दिन कोई अधिकारी इस सीसी सड़क निर्माण कार्य को देखने तक नहीं आया। जो दर्शाता है की इस भ्रष्टाचार में आधिकारियो की मौन स्मांवीकृति है ग्रामीणों की मांग है कि इस सड़क निर्माण कार्य की जांच होनी चाहिए। और सड़क को उखड़वा कर दोबारा बनवाना चाहिए। जिससे इस सड़क निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
मामले में जब फील्ड के तकनीकी सहायक से इस गुणवत्ता विहीन कार्य के बारे में पूछा गया तो उनके भ्रमित करने वाला जवाब दिया गया।
वहीं आर ई एस विभाग के एसडीओ अरविंद कुमार निकुंज ने जब इस सीसी सड़क निर्माण कार्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने की जाकर देखता, सड़क में सुधार करवाया जाएगा।
आगे देखना जरूरी है की सड़क निर्माण कार्य को दोबारा बनवाया जाता है कि लीपापोती कर संबंधित विभाग मुल्यांकन कर पैसों का बंदरबांट कर लेता है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!