सरगुजा संभाग

शिक्षकों के क्षमता निर्माण आईसर पुणे में शामिल हुए जिले से 06 प्रतिभागी

अनेक महत्वपूर्ण शैक्षिक जानकारियों से हुए रूबरू

[responsivevoice_button voice="Hindi Male"]

सूरजपुर/ पीएम श्री योजना के अंतर्गत स्टेम शिक्षकों की क्षमता निर्माण कार्यशाला में तृतीय एवं चतुर्थ चरण में चयनित पीएम श्री विद्यालयों के संपूर्ण छत्तीसगढ़ से 132 व्याख्याता शामिल रहे। यह कार्यक्रम आशीष गौतम पीएम श्री समन्वयक समग्र शिक्षा रायपुर, छत्तीसगढ़ के नेतृत्व व मार्गदर्शन में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) पुणे में पांच दिवसीय कार्यशाला में सहभागिता दी। इस कार्यक्रम में सूरजपुर प्रेमनगर से व्याख्याता पूर्णिमा सागर, नवापारा से दुष्यंत कुमार राजवाड़े, बतरा से अमरीन, ओड़गी से विनय कुमार, रामानुजनगर से ऋषिकेश साहू व जयनगर से शशि शेखर शर्मा शामिल रहे।

2-4-300x173 शिक्षकों के क्षमता निर्माण आईसर पुणे में शामिल हुए जिले से 06 प्रतिभागी
इस कार्यक्रम में व्याख्याताओं को गणित विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी में क्षमता विकास हेतु विभिन्न क्रियाकलाप एवं भ्रमण का आयोजन IISER पुणे के फैकल्टी ने किया। कार्यशाला के प्रत्येक दिवस का शुभारंभ राष्ट्रगान और राजकीय गीत एवं पिछले दिवस के प्रतिवेदन के द्वारा हुआ। प्रथम दिवस इंद्राणी बालन साइंस एक्टिविटी सेंटर(SAC) में रजिस्ट्रेशन के पश्चात प्रथम सेशन की शुरुआत अशोक रूपनर सर, सीनियर टीचिंग एसोसिएट SAC,आईसर पुणे ने एक वीडियो के माध्यम से आईसर पुणे में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के विषय में विस्तार से बताकर और टीम के सदस्यों का परिचय कराकर की। प्रथम एक्टिविटी न्यूज़पेपर से कराई गई और लगभग आठ प्रकार की टोपियों का निर्माण कराया गया। पेपर कटिंग के डिफरेंट तरीके बताए गए और रोचक गतिविधियां कराई गई। टी पजल के माध्यम से विभिन्न आकृतियों को बनवाया। लो कॉस्ट मटेरियल से थर्मोस्कोप सिखाया, गुब्बारे में नट डालकर ध्वनि की अवधारणाओं को बताया। पिंपरी चिंचवड साइंस पार्क में प्लैनेटेरियम शो, 3D शो, टिंकरिंग एक्टिविटीज, लिक्विड नाइट्रोजन शो जैसे रोचक कार्यक्रम हुए। कल्पक घर व साइंस पार्क विजिट और प्रवीण तुपे , फाउंडेड डायरेक्टर ऑफ़ साइंस पार्क के साथ स्टेम टॉक हुआ। नाइट स्काई ऑब्जर्वेशन में बृहस्पति ग्रह देखा द्वितीय दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ प्रोफेसर अर्नब मुखर्जी, डिपार्मेंट आफ केमेस्ट्री , डीन, इंटरनेशनल रिलेशंस एंड आउट रीच, IISER पुणे ने अपने उद्बोधन में विभिन्न कोर्सों के बारे में बताते हुए उनमें प्रवेश की प्रक्रिया को बताया। धारिता, आयतन की अवधारणा को भी विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से करवाया। फेफड़ों की क्षमता पता लगाने के लिए प्लास्टिक बैग की सहायता से रोचक क्रियाकलाप कराया गया और भौतिकी के बर्नोली प्रमेय से जोड़कर उसका महत्व बताया। एक विशेष प्रकार के वायरिंग पाइप की मदद से ध्वनि उत्पन्न करके दिखाया गया। डॉक्टर शालिनी शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंस के द्वारा अपने रिसर्च वर्क की शुरुआत और मांस मीडिया से विज्ञान का जुड़ाव बताया। उन्होंने शिक्षकों को सामुदायिक चेतना और प्रदूषण के प्रति जागरूकता के लिए फ्रंटलाइन वर्कर का स्थान दिया। बायोलॉजी में सर्वेश सर एवं तेजल मैम ने एक्टिविटी के माध्यम से फूड वेब (खाद्य जाल) को समझाया एवं यूएसबी डिजिटल माइक्रोस्कोप की मदद से पत्ती की बाहरी परत दिखाई एवं स्वयं देखने को प्रेरित किया। सोनम मैम ने पक्षियों में लैंगिक द्विरूपता को दिखाया एवं अपने रिसर्च के बारे में जानकारी दी तथा IISER Pune में छत्तीसगढ़ के छात्रों से हमें अवगत कराया गया जो कि वहां पढ़ाई कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में प्रतिभागी रहे पूर्णिमा सागर ने बताया कि हम आशीष गौतम सर के अत्यंत आभारी हैं जिनके मार्गदर्शन में हमें उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। इस प्रशिक्षण के माध्यम से हमें गतिविधि आधारित शिक्षण (Activity-Based Learning) की विधि सिखाई गई, जो विद्यार्थियों को सरल और रुचिकर ढंग से सीखने में सहायक सिद्ध होगी।”इस कार्यशाला से हमारे अंदर अनेक क्षमताओं का विकास हुवा, हमें अनेक प्रकार की शैक्षिक जानकारी मिली जिसका लाभ छात्रों को मिलेगा। इस प्रशिक्षण में सुब्बा नायडू एवं दुर्गेश पांडेय भी शामिल रहे।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!