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एमसीबी/ जिले के ग्राम पंचायत पैनारी स्थित प्राथमिक और माध्यमिक शाला में अतिरिक्त कक्षा भवन का निर्माण पिछले 15 सालों से अधूरा पड़ा हुआ है, जबकि इसके लिए आवंटित राशि का आहरण भी किया जा चुका है।
यह सरकारी धन के खुले दुरुपयोग का एक स्पष्ट मामला है, जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग की उदासीनता भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि इतने लंबे समय से यह समस्या अनसुलझी है।छात्रों को सीधे लाभ से वंचित इस अधूरे भवन के कारण छात्रों को बैठने की उचित व्यवस्था नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी पढ़ाई का स्तर प्रभावित हो रहा है। अगर यह अतिरिक्त कक्ष बन जाता है, तो इससे निश्चित रूप से विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा और वे बेहतर माहौल में शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे।

वहीं ग्राम पंचायत पैनारी की सरपंच ने इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि अधूरे पड़े अतिरिक्त कक्ष भवन का निर्माण जल्द से जल्द पूरा होना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर मांग करने की बात कही है।
अब यह देखना होगा कि इस पहल के बाद शिक्षा विभाग कब कुंभकर्णी नींद से जागता है और पैनारी स्कूल के छात्रों को उनका नया भवन कब मिल पाता है। यह न केवल छात्रों के भविष्य का सवाल है, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जवाबदेही पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न है।
क्या कहते हैं जिला शिक्षा अधिकारी
इस मुद्दे पर जिला शिक्षा अधिकारी से जब बतबकी गई उनसे पूछा गया तब जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने कहा कि यह निर्माण कार्य समग्र शिक्षा अभियान के तहत अप्रूव हुआ था. यह डीएमसी कोरिया की तरफ से देखा जा रहा है. जल्द से जल्द इस मामले में मैं जानकारी लूंगा और इस कार्य को पूरा कराने का प्रयास करूंगा.





