मुख्य न्यायाधिपति सिन्हा ने किया मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन
मुख्य न्यायाधिपति सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मध्यस्थता विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान का प्रभावी माध्यम है

कोरबा/केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। इस योजना का लक्ष्य है हर घर को स्वच्छ, नवीकरणीय और किफायती ऊर्जा से जोड़ना, जिससे न केवल बिजली बिलों में बचत हो, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधे राहत पहुंचाने और सतत विकास के लक्ष्य भी पूरे हों। इसी सोच और उद्देश्य को साकार करते हुए, कोरबा जिले के आर.पी. नगर निवासी मनोज केशरवानी और उनकी पत्नी श्रीमती अन्नपूर्णा केशरवानी ने सौर ऊर्जा अपनाकर आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक लाभ की प्रेरक मिसाल पेश की है।
मनोज केशरवानी, जो वर्षों से बिजली बिल के खर्च से परेशान थे, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के बारे में जानकारी मिलने पर तुरंत इसमें जुड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने घर की छत पर 2 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगवाया। इस पर उन्हें केंद्र सरकार से रूपये 78 हजार की सब्सिडी मिली, जिससे आर्थिक बोझ काफी कम हो गया। अब उनके घर में दिनभर सूर्य की किरणों से उत्पन्न बिजली का उपयोग होता है, जिससे उनका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। योजना से पहले हर महीने आने वाले बिजली बिल से परिवार का बजट प्रभावित होता था। लेकिन सोलर पैनल लगने के बाद अब वे इस राशि की बचत अन्य आवश्यक कार्यों में कर पा रहे हैं। अब न केवल बिल से मुक्त हैं, बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा को ग्रिड में देकर क्रेडिट भी प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना उनके जीवन में आर्थिक, मानसिक और पर्यावरणीय – तीनों स्तरों पर सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। इस योजना ने केशरवानी परिवार को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाया है, साथ ही वे पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दे रहे हैं। सौर ऊर्जा के उपयोग से हर साल कई टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में बड़ा कदम है।

