उद्घोषक द्वारा राज्य उत्सव के मंच से भाजपा जिला अध्यक्ष का अपमान
उद्घोषक के अपमान करने की परंपरा, आदेशों की अवहेलना, मुंहदेखी का अंदाज जारी है :प्रत्यक्ष दर्शी व सूत्र

एस. के ‘रूप’
बैकुंठपुर – कोरिया/ मंगलवार 5 नवंबर को राज्योत्सव की धूम है राज्य और जिला स्तर पर इसका बड़ा आयोजन होना स्वाभाविक है और हो भी क्यों ना राज्य स्थापना के दिवस का उत्साह व उमंग ही ऐसा होता है ।कोरिया में भी समाचार लिखे जाने तक उक्त कार्यक्रम जिले के कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन में चल रहा था इसी बीच कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भरतपुर सोनहत विधायक मनचस्थ हुई उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष पहुंचे कार्यक्रम में उद्घोषक द्वारा राज्योत्सव के मंच से भाजपा जिला अध्यक्ष का अपमान कर दिया गया लगता है उद्घोषक को दृष्टि दोष की समस्या हो गई है जबकि वे स्वयं जिला पंचायत में पीआरओ है और इसी शहर के वासी होने के कारण जिलाध्यक्ष से भी भलीभांति परिचित है। उन्हें तो प्रोटोकाल और कार्यक्रम के रूप रेखा की इतनी समझ अवश्य होनी चाहिए कि उनका नाम पहले पुकारा जाए। प्रत्यक्ष दर्शियों एवं सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने सीधे मुख्य अतिथि को मंच पर अपने उद्बोधन हेतु पुकार दिया कुछ का कहना है यह तो जानबूझकर किया गया कृत्य है जिसका भाजपा पदाधिकारीयों ने विरोध किया फिर खुद जिला प्रमुख कलेक्टर महोदया के द्वारा हस्तक्षेप करने पर उन्हें उद्बोधन हेतु बुलाया गया उपस्थित लोगों का कहना है उद्घोषक द्वारा अपमान करने की परंपरा का पुनः निर्वहन राज्योत्सव के मंच से भी किया है और जानबूझकर बाद में आपत्ति के पश्चात उन्हें बुलाया इस पर मंच से ही भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा: “बहुत जल्दी थी क्या कि मेरे को बुलाना भी मुनासिब नहीं समझ रहे थे” इससे पता चलता है कि उक्त पीआरओ अपने अपमान करने की परंपरा का निर्वहन राज्योत्सव जैसे जिम्मेदारी वाले मंच से भी बखूबी किया है इनके द्वारा आदेशों की अवहेलना भी की जाती रही है जिसके कारण पूर्व में भी जिला पंचायत के सीईओ आदि के कोप का भाजन बन चुके हैं फिर भी इनका रवैया नहीं बदला प्रशासन प्रमुखों को चाहिए कि ऐसे आयोजनों में इस प्रकार के उद्घोषकों से बचें कोरिया जिले और बैकुंठपुर शहर में ही प्रशासन और शिक्षा विभाग के कुंजी में एक से बढ़कर एक उद्घोषकों का भंडार है कुछ तो राज्य और देश में ख्यातिप्राप्त है और आकाशवाणी में उद्घोषणा कर चुके है ऐसे लोगो को मौका दें ताकि कार्यक्रम की गरिमा बनी रहे।



