सुखमंती सिंह के नेतृत्व में रेत संसाधनों के निर्मम दोहन के विरुद्ध ग्रामीणों का प्रदर्शन
जनहित संघ पण्डो विकास समिति सदैव ग्रामीणों के हित को अग्रसर

एस. के.‘रूप’
मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर/विगत रविवार को जिले के भरतपुर विकासखंड के ग्राम मलकडोल – घटई रेत संसाधनों के निर्मम दोहन के विरुद्ध ग्रामीणों ने सुखमंती सिंह महिला नेत्री के नेतृत्व में प्रदर्शन किया ।ग्रामीणों का कहना है उनके संसाधनों का अनवरत दोहन बंद किया जाए ताकि उनका भविष्य उज्जवल रहे और पर्यावरण सुरक्षित।

विदित हो कि मलकडोल–घटई पंचायत में वर्षाकाल समाप्त होने के बाद से ही रेत के अवैध कारोबार फलने फूलने लगे हैं इसके विरोध में ग्रामीण एकजुट हुए ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जीवनदायिनी नदियों का दोहन बंद हो
सुखमंती सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन:
जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति की प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रमुख सुखमंत्री सिंह सदैव ग्रामीण जनता के हित के लिए खड़े रहती हैं । केंद्रीय मार्गदर्शन से जुड़ी नेत्री ने ग्रामीणों की समस्याओं उनके निराकरण के लिए कई कार्य किए हैं ।सुखमंती सिंह ने बताया कि यह रेत उत्खनन गलत है इससे पर्यावरण को नुकसान होता है जलस्तर गिरता है और आगे चलकर यहां के लोगों को संसाधनों का अभाव हो जाएगा हम अपने क्षेत्र की खनिज संपदा का दोहन नहीं होने देंगे।

विशेष ग्राम सभा नही, ग्रामीणों के हक में ढाका
इस पूरे रेत उत्खनन के मामले में खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा ने कहा कि मलकडोल–घटई में रेत उत्खनन वैध है जब महिला नेत्री सुखमंती सिंह ने इस पर प्रश्न किया की विशेष ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित हुआ यदि हुआ तो पास होने का प्रस्तावित पंजी ग्रामीणों को दिखाया जाए। लेकिन उपस्थित अधिकारी कर्मचारी ने बैठक रजिस्टर नहीं होने पंचायत में ताला लगाकर सचिव का चले जाना और फोन नहीं उठाने कहकर टालमटोल कर दिया गया वहीं इस मामले में सरपंच ने कहा कि प्रस्ताव दी हूं लेकिन पता नहीं है कौन बैठक में दी हूं मुझे जानकारी नहीं है।

आप प्रश्न उठता है :
घटाई मालक ढोल में रेत उत्खनन के कारण जल स्तर गिरता जा रहा है कुआ बोर सूख जाते हैं इसका क्या विकल्प है?
विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर उक्त दोहन का निर्णय लिया गया फिर बैठक पंजी क्यों नहीं दिखाई ?
जब वैध है तब की स्थिति में ग्रामीणों को इसकी जानकारी कैसे नहीं है ?वह क्यों विरोध कर रहे हैं?
सरपंच को उसके कार्य की भी जानकारी नहीं है यह क्यों ?
अधिकारी अपनी ही बातों में टालमटोल करते दिखे ऐसा क्यों?
ग्रामीण महिलाओं को हीरो मत बनो कहते हुए ठेकेदार और अन्य लोगों ने संबोधित किया क्या लोकतंत्र में अपनी बात रखना अपने हक के लिए लड़ना हीरो बनना है? तो महिलाएं ऐसी हीरो हैं।

ठेकेदार गुड्डू मिश्रा की महिलाओं और ग्रामीणों के साथ अभद्रता :
जनकपुर क्षेत्र के ठेकेदार गुड्डू मिश्रा के द्वारा महिला नेत्री एवं अन्य महिलाओं के प्रति अभद्र व्यवहार किया गया आपको बता दें कि जनप्रतिनिधि का काम ही होता है जनता की बात को उनके हक को अधिकार को शासन प्रशासन एवं अन्य जिम्मेदार लोगों के सामने रखना वे अपनी बात नहीं कर रही थी उन्होंने जनता की बात को उनके हक और अधिकार को शासन के समक्ष रखने का प्रयास किया था और इसी समय ठेकेदार द्वारा उच्च अधिकारी से बात करवाने कहकर अचानक फोन काट के अभद्र व्यवहार किया जाने लगा जिसका उपस्थित ग्रामीणों ने वीडियो भी बनाया है।महिला नेत्री के साथ उपस्थित अन्य ग्रामीण महिलाओं के सामने कैसा व्यवहार करना चाहिए कैसी बातें करनी चाहिए इतनी सी समझ और नैतिक जिम्मेदारी गुड्डू मिश्रा नामक ठेकेदार की नहीं है जरूरी है कि वे अपना व्यवहार बदले और कम से कम महिलाओं के प्रति मानवीयता का परिचय देते हुए अभद्रता ना करें ।



