
एस. के.‘रूप’
बैकुंठपुर / शहर के सिविल लाइन मुख्य मार्ग में मानस भवन के बाजू से खंडहर पड़े शासकीय आवास के सामने नपा द्वारा नाली निर्माण किया गया है इस नाली में गंदा पानी भरने लगा है विगत कई दिनों से इसमें गंदा पानी इकट्ठा है

जिसके निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है आगे जाकर उक्त नाली मोड़ के पास बंद है फिर यह कैसी व्यवस्था?

नाली निर्माण से पहले निकासी की व्यवस्था होना चाहिए। जाम नाली में रोग कारक जीवाणु विषाणु होंगे फिर जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़।
कहीं यह नाली जानलेवा तो नहीं ?

इसी स्थान पर कचहरीपारा जाने के लिए सीसी सड़क है यह सड़क आपको मुख्य मार्ग से पुनः मिला देती है इस सड़क के प्रारंभ में पान ठेले के पास आम के पेड़ के ठीक सामने विपरीत दिशा से शहर की गंदगी निस्तारण के लिए नाली है इस पर डाला गया स्लैब टूट के चकनाचूर हो गया है और वही तीतर बितर पड़ा हुआ है,

मोड में ऐसा होना किसी भारी दुर्घटना को कारित कर सकता है नाली की यह स्थिति जानलेवा हो सकती है क्योंकि यह सड़क व्यस्ततम है यहां दिन भर दो पहिया, चार पहिया वाहन का आवागमन लगा रहता है।
यहां है पक्षियों के बीट का भंडारण:–

स्थानीय विश्राम गृह सीईओ भवन के सामने विगत दिनों स्वच्छता दीदियों को काम में लगाकर वेस्टेज से न्यू क्रिएशन के तौर पर सुंदर छोटा सजावटी स्थल बना दिया गया लेकिन वही रखरखाव का अभाव की पुरानी परंपरा का निर्वहन और अब ना तो सुंदरता है,ना तो उसका रखरखाव ,तमाम रंग बिरंगे बोतल, डिब्बे, टायर पक्षियों के बीट से सराबोर केवल दुर्गंध ही फैला रहे हैं जिसे देखकर ऐसा लगता है कि उक्त स्थल पर पक्षियों के बीट का भंडारण किया गया है क्योंकि कई दिनों से उक्त स्थल पर पक्षियों के बीट की मोटी परत जम चुकी है कचरे का अंबार है ।

पेड़ से गिरी पत्तियां और पक्षी का बीट दोनो मिलकर बढ़िया देशी खाद जरूर बना रहे है इसे खाद जोन घोषित करके देशी कृषकों के लिए खोल देना चाहिए और निः शुल्क रूप से बोरियों में भरकर उपयोग करने को प्रेरित करने से कृषि में रसायनों के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है। फिलहाल तो यह स्थल देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिख रहा है संबंधित प्रशासन को ध्यान आकर्षण करने की आवश्यकता है।



