बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में प्रो.संपत्ति आर्याणी स्मृति सम्मान से सम्मानित हुई अनामिका चक्रवर्ती
बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने साहित्यिक अवदान के लिए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन 44 वें महाअधिवेशन में किया सम्मानित

एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ की सशक्त साहित्यकार अनामिका चक्रवर्ती को देश के विभिन्न मंचों से सम्मानित किया गया है इसी तारतम्य में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें उनके साहित्यिक अवदान के लिए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन 44 वें महाअधिवेशन में प्रो.संपत्ति आर्याणी स्मृति सम्मान से सम्मानित किया है।

इस अवसर पर बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ की अध्यक्षता में बिहार के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद खान, सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा

के निदेशक डॉ सुनील बाबूराव कुलकर्णी तथा मॉरिशस से आई सुविख्यात लेखिका सरिता बुधू जी की उपस्थिति में दिनांक 20/12/2025 को हिन्दी भाषा एवं साहित्य की उन्नति में अपना सेवा देने के लिए सम्मानित किया गया इस सुखद क्षण में दर्शक दीर्घा में देश के सभी हिस्सों से आए लेखक, कवियों एवं प्रबुद्घ श्रोता जन, वरिष्ठ साहित्यकारों,साहित्य के लिए विभिन्न मंचों एवं संगठनों द्वारा हिन्दी में अपनी सेवाएं देने वाले और साहित्य के रुचिकर युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका में उपस्थिति रही।

इस सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ से केवल अनामिका चक्रवर्ती को चुना गया था। स्मरणीय है कि विगत दिनों भोपाल में प्रतिष्ठित साहित्यिक समूह मंच दस्तक संवाद के आयोजन में “एक अरसे बाद“ का लोकार्पण किया गया जिसमें देश के प्रतिष्ठित प्रख्यात साहित्यकार कवि राजेश जोशी, मदन कश्यप,विष्णु नागर, कुमार अंबुज, मुकेश वर्मा गरिमापूर्ण उपस्थिति रही दस्तक संवाद के दो दिवसीय कार्यक्रम के द्वितीय दिन के प्रथम सत्र में काव्य संग्रह एक अरसे बाद का लोकार्पण ध्रुपद संस्थान भोपाल में संपन्न हुआ। इस सत्र का संचालन दस्तक संवाद के संस्थापक संचालक कवि अनिल करमेले ने किया और लोकार्पण में काव्य संग्रह “एक अरसे बाद“ पर प्रसिद्ध कवि एवं प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका समापवर्तन के संपादक निरंजन श्रोत्रिय जी ने अपना महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया था। उनकी इस उपलब्धि पर हसदेव धारा साहित्य व कला मंच के संस्थापक सदस्य मृत्युन्जय सोनी, कार्टूनिस्ट जगदीश पाठक, वरिष्ठ साहित्यकार गंगा प्रसाद मिश्र, वीरांगना श्रीवास्तव, सुषमा श्रीवास्तव, डॉ रश्मि सोनकर ने शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।



