जनकपुर पुलिस की सबसे बड़ी सफलता: हरचौका साप्ताहिक बाजार लूटकांड का खुलासा, सराफा व्यापारियों पर फायरिंग करने वाले चारों आरोपी गिरफ्तार

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर / हरचौका साप्ताहिक बाजार के पास दो सराफा व्यापारियों पर फायरिंग कर सोना–चांदी लूटने की सनसनीखेज वारदात का जनकपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है।
घटना के बाद पूरे इलाके में फैली दहशत और व्यापारियों में असुरक्षा की भावना के बीच पुलिस ने लगातार प्रयास कर लुटेरों को पकड़ने में सफलता हासिल की है।

गिरफ्तार आरोपियों में देशराज कुशवाहा, मोनू कुशवाहा, उमाशंकर शर्मा और रामप्रकाश उर्फ लल्ला (रुआर मैना बसई, मुरैना) शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।
वारदात जिसने हिला दिया था पूरा क्षेत्र
घटना 5 जून 2025 को जनकपुर थाना क्षेत्र के हरचौका साप्ताहिक बाजार के पास हुई थी। मनेंद्रगढ़ निवासी दो सराफा व्यापारी—ब्रह्मा सोनी और अनिल सोनी—हरचौका में अपनी बिक्री (वेबसाइट) खत्म कर दोपहिया वाहन से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे जंगलनुमा क्षेत्र से गुजर रहे थे, दो मोटरसाइकिलों में सवार चार अज्ञात बदमाशों ने घात लगाकर उनकी बाइक रोक ली। पहले गाली-गलौज की, फिर व्यापारी भाइयों ने विरोध किया तो बदमाशों ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

हमले के तुरंत बाद लुटेरे उनके पास रखे लाखों रुपए के सोना-चांदी के जेवरात और नगदी लूटकर फरार हो गए। घायल व्यापारियों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल, फिर वहां से शहडोल रेफर किया गया।
पुलिस को शुरू से था शक—वारदात पूरी प्लानिंग के तहत
सूचना मिलते ही जनकपुर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी सरगुजा रेंज व एसपी MCB ने टीम को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में लुटेरों को पकड़ा जाए। पुलिस टीम ने जंगल में देर रात तक कांबिंग की। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि लुटेरों ने पहले से व्यापारियों की रेकी की थी और यह वारदात पूरी प्लानिंग के तहत की गई थी।
गोहपारू वारदात से मिला लिंक—दोनों मामले एक जैसे
जांच के दौरान गोपालपुर थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की लूट सामने आई—व्यापारी को मोटरसाइकिल से रोकना, फायरिंग करना और सोना लूटना। दोनों घटनाओं के तरीके एक जैसे होने पर जनकपुर और गोहपारू पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की। गोहपारू में पकड़े गए कुछ संदिग्धों पर जनकपुर पुलिस की नजर पहले से थी।
पेट्रोल लाइनअप में खुली पूरी साजिश, चारों आरोपी पहचाने गए
जनकपुर पुलिस ने शक के आधार पर चार संदिग्धों—देशराज कुशवाहा, मोनू कुशवाहा, उमाशंकर शर्मा और रामप्रकाश उर्फ लल्ला—को तलब किया और पेट्रोल लाइनअप (सिनाकी) कराई। पीड़ित सराफा व्यापारियों ने चारों आरोपियों को सही-सही पहचान लिया। पहचान पुख्ता होने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी देशराज कुशवाहा चिरैया क्षेत्र में खेत की लेवलिंग का काम करता था और उसे अच्छी तरह पता था कि व्यापारी कब बाजार जाते और लौटते हैं। उसने ही अपने साथी मोनू कुशवाहा, उमाशंकर शर्मा और रामप्रकाश उर्फ लल्ला को बुलाकर वारदात की योजना बनाई थी।
पुलिस अब लूटे गए सोना-चांदी की बरामदगी में जुटी
पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। लूटे गए सामान और हथियारों की बरामदगी के लिए पुलिस मुरैना सहित कई इलाकों में दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह पहले भी इसी तरह की घटनाओं में शामिल रहा है।
जनकपुर पुलिस की इस बड़ी सफलता से व्यापारियों में राहत और पुलिस पर भरोसा बढ़ा है। पुलिस ने कहा है कि जिले में व्यापारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



