छत्तीसगढ़

शिक्षा विभाग का कलंक बना शराबी शिक्षक.. दिख रहा ठेंगा –पूरे शिक्षा जगत को, ‘पियूंगा दारू आऊंगा स्कूल, जो करना है कर लो’ पूर्व में भी समाचार हुआ था प्रकाशित, टीम जांच करके शांत और शराबी शिक्षक मस्त, विद्यालय के बच्चों पर बुरा प्रभाव

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सतीश मिश्रा

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर / जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र विकासखण्ड भरतपुर अंतर्गत विद्यालय जिसे शिक्षा का मंदिर कहा जाता है और इस मंदिर में पुजारी अर्थात गुरुजी को राष्ट्र निर्माता कहा जाता है। लेकिन वही शिक्षक पूरे शिक्षा जगत के लिए कलंक बनकर उसे शर्मसार कर रहा है।4-1024x1024 शिक्षा विभाग का कलंक बना शराबी शिक्षक.. दिख रहा ठेंगा –पूरे शिक्षा जगत को, ‘पियूंगा दारू आऊंगा स्कूल, जो करना है कर लो’ पूर्व में भी समाचार हुआ था प्रकाशित, टीम जांच करके शांत और शराबी शिक्षक मस्त, विद्यालय के बच्चों पर बुरा प्रभाव

विकासखण्ड भरतपुर के अंतर्गत संकुल केंद्र माड़ीसरई अंतर्गत प्राथमिक पाठशाला मेंहदौली में पदस्थ शिक्षक त्रिभुवन सिंह को दारू पीकर विद्यालय परिसर के अंदर अध्यनरत बच्चों के सामने इधर उधर घूमते देखा जा सकते हैं। यह घटना शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग की कमी को दर्शाती है।

ऐसे गुरुजी कब तक इस तरह का कृत्य कर के सीना चौड़ा कर घुमंगें,सरकार के द्वारा गरीब बच्चों को शिक्षा के लिए जगह-जगह सरकारी विद्यालय खोला जाता है जिससे ग्रामीण अंचल में गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित न होना पड़े और उनको अच्छी सुविधा मिले जिसके लिए 45-65 प्रतिमाह दिया जाता है सरकारी विद्यालयों में नियुक्ति की गई है लेकिन शिक्षा विभाग के आला जुम्मेवार अधिकारी कर्मचारियों की सही मॉनिटरिंग सही न होने की वजह से नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं जो स्वयं चलने बोलने की स्थिति में नही है ऐसे शिक्षक बच्चों को क्या शिक्षा देंगे?

लेकिन दुर्भाग्य की विभागीय सांठगांठ कर ऐसे शिक्षकों को शह दी जाती है और शिक्षक बिंदास घूमता है। यह स्थिति शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग की कमी को दर्शाती है। शिक्षा विभाग की छवि खराब हो रही है।ऐसा नहीं यह कोई पहला मामला है इस तरह के कई मामले प्रकाश में आते हैं लेकिन आला अधिकारियों के द्वारा जांच की बात कह कर मामले को रफा दफा कर दिया गया।भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। ऐसा यह पहली घटना नहीं है ऐसा कई बार देखा गया है लेकिन विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं कि जाती सिर्फ लीपा पोती की जाती है।
शिक्षा विभाग को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और शिक्षक त्रिभुवन सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, विभाग को अपनी मॉनिटरिंग की व्यवस्था को भी मजबूत करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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प्राथमिक शाला महदौली की वंदना छात्र ने बताया कि शिक्षक मारते हैं और थोड़ा-थोड़ा पीते हैं।

पूर्व जनपद सदस्य लला बैगा के बयान से यह स्पष्ट होता है कि शिक्षक का व्यवहार बहुत ही असंतोषजनक था। उन्होंने बताया कि शिक्षक दारू पिए हुए थे और स्कूल का ताला बंद था, जबकि छुट्टी का समय नहीं हुआ था।लला बैगा ने कहा कि यह बहुत ही गलत है और ऐसे शिक्षक के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक को तुरंत हटाया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

सचिव महेश मिश्रा के बयान से यह स्पष्ट होता है कि वे इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अगर शिक्षक शराब पीकर आते हैं और मारने लगते हैं, तो क्या करें? यह बयान दर्शाता है कि ग्रामपंचायत के अधिकारी भी इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।ग्राम पंचायत महदौली के सचिव महेश मिश्रा के बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि वे शिक्षक की भर्ती प्रक्रिया को भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा है किशासन ही ऐसे शिक्षक की भर्ती करती है ये शिक्षक जहा जहा रहे ऐसे ही रहे हैं। यह बयान दर्शाता है कि अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्राम पंचायत मेहदौली की सरपंच नीलू सिंह के द्वारा बोला गया कि ऐसे शराबी शिक्षक को विद्यालय से निकाल दिया जाए एवं कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, यह एक उचित मांग है।सरपंच नीलू सिंह के इस बयान का समर्थन करते हुए, हमें उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करेगा और दोषी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। साथ ही, स्कूल प्रशासन को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए कि वे इस समस्या को क्यों नहीं रोक पाए।
इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।

संकुल केंद्र मड़ीसरई सी.ए.सी. रामकरण तिवारी ने जो बयान दिया है, वह बहुत ही गंभीर है। उन्होंने कहा है कि जांच में पाया गया है कि शिक्षक विद्यालय में दारू पीकर आया हुआ था, जिसे उन्होंने जांच रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है।
शिक्षा विभाग के जे.डी.साहब ने कहा कि वे बी.ई.ओ.साहब से चर्चा करेंगे और मामले की जांच करेंगे।

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