अन्नदाता चिंतित: बेमौसम बारिश ने बढ़ाई अन्नदाताओं की मुसीबत,बर्बाद साल भर की मेहनत, फसल कहीं सड़े कहीं अंकुरण

एस. के.‘रूप’
मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर / जिले में बेमौसम बारिश ने किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। जिले में हुई भारी बारिश ने खेतों में कटकर पड़ी धान की आधे से अधिक फसल को चौपट कर दिया है। किसानों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि अगर जल्द ही बारिश बंद नहीं हुई तो उनकी बची कूची फसल भी बर्बाद हो जाएगी। मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के कई गांवों में बेमौसम बारिश ने धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में पानी भरने से कटाई मुश्किल हो गई है और फसल सड़ने का डर है।
किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही बारिश बंद नहीं हुई तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी उनका कहना है कि बेमौसम बारिश ने साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। धान की फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन बारिश ने उनकी फसल को खराब कर दिया है। किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी फसल को बचाने के लिए कोई उपाय नहीं सूझ रहा है।

ग्राम पंचायत चिड़ौला के रहने वाले रामप्रसाद अहिरवार ने बताया कि बेमौसम बारिश ने उनके गांव में जमकर कहर बरपाया है। उनके खेत और गांव के अन्य किसानों के खेतों में पानी लबालब भर गया है,जिससे पूरी फसल बर्बाद हो गई है। रमेशप्रसाद अहिरवार ने बताया कि उनके पास 5 एकड़ जमीन है, जिस पर उन्होंने फसल लगाई थी। लेकिन बेमौसम बारिश ने उनकी पूरी फसल बर्बाद कर दी है। उनके खेत में पानी भर जाने के कारण फसल को बचाने का कोई उपाय नहीं बचा है।

बेला गांव के रहने वाले कमलेश ने बताया कि बेमौसम बारिश ने उनके परिवार की फसल बर्बाद कर दी है। उनके पिता के नाम 2.50 एकड़ जमीन है, जिस पर धान की फसल लगाई गई थी। लेकिन बारिश के कारण पूरे खेत में पानी भर गया है और फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।कमलेश ने बताया कि उनके खेत में पानी भर जाने से धान की फसल पानी में डूब गई है। फसल की जड़ें सड़ने लगी हैं और अब अंकुरण भी आने लगा है, जिससे फसल की गुणवत्ता पूरी तरह से खराब हो गई है।
संखपाल सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश ने उनके खेतों में जमकर कहर बरपाया है। उनके खेतों में पानी भर जाने से फसल काटने में परेशानी हो रही है। फसल पक कर तैयार है, लेकिन पानी गिरने के कारण पूरी फसल बर्बाद हो रही है।संखपाल सिंह ने बताया कि उनके खेतों में पानी भर जाने से फसल को बचाना मुश्किल हो गया है। फसल की जड़ें सड़ने लगी हैं और फसल की गुणवत्ता भी खराब हो रही है।
छिरहाटोला गांव के रहने वाली महिला राजकुमारी ने बताया कि बेमौसम बारिश ने उनकी फसल बर्बाद कर दी है। उन्होंने बताया कि धान कट कर खेत में रखा था, लेकिन पानी गिरने से पूरी कटी फसल भीग गई है। उनके पास 5 खेत हैं और सभी में पानी गिरने से धान की फसल भीग गई है राजकुमारी ने बताया कि लगातार 3-4 दिन से पानी गिर रहा है, जिससे उनकी फसल पूरी तरह से भीग गई है। उन्होंने बताया कि फसल पक कर तैयार थी और उन्होंने काट भी डाला था, लेकिन पानी गिरने से पूरी धान भीग गई है।राजकुमारी ने बताया कि उन्हें लगभग 80-90 हजार का नुकसान हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि पानी गिरेगा, इसलिए उन्होंने अपनी फसल को नहीं बचा पाए।
कोरिया और एमसीबी जिले में खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए 11 लाख 37 हजार 468 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सहकारी बैंक के माध्यम से किसानों को 50 करोड़ रुपए का कर्ज दिया गया है।कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, खरीफ वर्ष 2025-26 में धान का रकबा 922 हेक्टेयर घटकर 32,920 हेक्टेयर हो गया है, जबकि बीते वर्ष यह 33,842 हेक्टेयर था। हालांकि, दलहन का रकबा 536 हेक्टेयर बढ़कर 9,730 हेक्टेयर और तिलहन का रकबा बढ़कर 2,272 हेक्टेयर हो गया है। मूंगफली फसलों के रकबे में भी पिछले वर्ष के 933 हेक्टेयर की तुलना में 1,520 हेक्टेयर तक उछाल आया है।



