
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर/ गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले की घटना ने एक महिला की जान ले ली और दो मासूम बच्चों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह हाथी पिछले कई महीनों से क्षेत्र में घूम रहा है और कई घरों को नुकसान पहुंचा चुका है, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के जनकपुर पार्क परिक्षेत्र के ढाब इलाके में जंगली हाथी के हमले की घटना ने सभी को हिला दिया है। इस घटना में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसने अपनी जान की परवाह न करते हुए अपने दो मासूम बच्चों की जान बचाई।
महिला ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अपने दोनों बच्चों को दूर फेंककर उनकी जान बचाई। हाथी के हमले के दौरान महिला ने अपनी बहादुरी का परिचय दिया और अपने बच्चों को बचाने के लिए अपनी जान दे दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें हाथी की आमद की कोई सूचना नहीं दी गई थी, जिससे वे सुरक्षित स्थान पर शरण ले सकते थे। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस जंगली हाथी को पकड़कर जंगल सफारी या चिड़ियाघर में भेजा जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
पार्क परिक्षेत्र अधिकारी जनकपुर ने घटना स्थल का जायजा लिया और उच्च अधिकारियों तक ग्रामीणों की शिकायत पहुंचाने का आश्वासन दिया। पार्क परिक्षेत्र अधिकारी राजाराम ने भी स्थिति का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग द्वारा हाथी के मूवमेंट को लेकर गांववासियों को किसी तरह की जानकारी नहीं दी जाती है, जिससे वे अपने आप को सुरक्षित नहीं रख पाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग को हाथी के मूवमेंट की जानकारी देनी चाहिए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर शरण लेने के लिए समय देना चाहिए।
इस घटना ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या को एक बार फिर से उजागर किया है। वन विभाग को इस समस्या का समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और ग्रामीणों को सुरक्षित जीवन जीने का अवसर मिल सके।
वन विभाग की जिम्मेदारी है कि वह जंगली हाथियों के मूवमेंट की जानकारी ग्रामीणों को दे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर शरण लेने के लिए समय दे। वन विभाग को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जंगली हाथी किसी भी हालत में ग्रामीणों को नुकसान न पहुंचा सकें।
ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग को हाथी के मूवमेंट की जानकारी देनी चाहिए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर शरण लेने के लिए समय देना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग द्वारा हाथी के मूवमेंट को लेकर गांववासियों को किसी तरह की जानकारी नहीं दी जाती है, जिससे वे अपने आप को सुरक्षित नहीं रख पाते हैं।
वन विभाग को चाहिए कि वह जंगली हाथियों के मूवमेंट की जानकारी ग्रामीणों को दे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर शरण लेने के लिए समय दे। वन विभाग को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जंगली हाथी किसी भी हालत में ग्रामीणों को नुकसान न पहुंचा सकें।
ग्रामीणों को भी वन विभाग के साथ सहयोग करना होगा और जंगली हाथियों के मूवमेंट की जानकारी वन विभाग को देनी होगी। इससे वन विभाग को जंगली हाथियों के मूवमेंट को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और ग्रामीणों को सुरक्षित जीवन जीने का अवसर मिलेगा।



