डीएस पाठशाला का गिरीश पंकज ने किया भव्य शुभारंभ
बैकुंठपुर में सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी सेल्फ स्टडी जोन का जनता को मिलेगा लाभ

एस. के.‘रूप’
कोरिया/ प्रमाणित बौद्धिक गतिविधि से विकास सहित डेवलप श्योर स्टडी के तर्ज पर बना यह डी एस पाठशाला कोरिया जिले के साथ पूरे प्रदेश के लिए नवीन ग्रन्थालय गतिविधियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उक्ताशय के विचार डी एस पाठशाला के भव्य शुभारंभ के अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार संपादक सद्भावना दर्पण,राजभाषा आयोग दिल्ली के सलाहकार सदस्य व्यंग्य श्री गिरीश पंकज रायपुर ने व्यक्त किए। श्री पंकज के कर कमलो से जिले की एकमात्र सर्वसुविधायुक्त निजी वाचनालय /पुस्तकालय का उद्घाटन संपन्न हुआ।

उन्होंने आशीर्वाद स्वरूप दोहे के रूप में स्वाध्याय क्यों जरूरी है कि जानकारी देते हुए पाठशाला को अपनी रचना प्रदत्त की एवं पाठ भी किया। उन्होंने कहा कि डेवलेप स्योर पाठशाला एक अच्छी सोच के साथ महानगरों की तर्ज पर बनी अत्याधुनिक निजी स्वाध्याय केन्द्र है। यह छोटे शहरो के प्रतिभाशाली छात्रों और पुस्तक प्रेमियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

उनके द्वारा रचित दोहे पाठशाला में लगाए जायेंगे। यह दोहे रहे–
जो दिल से अध्ययन करे, पाए सच्चा ज्ञान।
जो गफलत करता वही, पछताए नादान।।
पुस्तक सच्ची मित्र है, सदा निभाए साथ।
बिन पुस्तक लगता मुझे, जैसे कोई अनाथ।।
जीवन इक शाला बड़ी, पढ़ें नित्य हम पाठ।
ज्ञान बढ़ा कर हम गढ़े, खुद अपनी इक बाट।।
यह जीवन अनमोल है, इक सुंदर उपहार।
जो यह समझे है वही, महत्वपूर्ण किरदार।।
रोज मनन-चिंतन करो, होगा तब उद्धार।
ज्ञान बिना जीवन भया, बिल्कुल ही निस्सार।।

इस अवसर पर श्री पंकज जी के साथ उनके अनुज साहित्यकार सतीश उपाध्याय, साहित्यकार बिरेंद्र श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में शंकर सुवन मिश्रा,राजेंद्र सिंह दद्दा,दुष्यंत कुमार, सुनील मिश्रा, चंदन गुप्ता,अनुज मिश्रा, संवर्त कुमार रूप, प्रदीप पाठक,मीना शर्मा, काया मिश्रा,आकाश पोद्दार,राजेश शर्मा, प्रविंद सिंह,मनोज मिश्रा,अनुज मिश्रा,दीपांशु शर्मा, शुभांशु शर्मा, तनु पासवान सहित शहर के गणमान्य नागरिक,साहित्यकार गण उपस्थित रहे।



