वन मंडल मनेंद्रगढ़ के वन परिक्षेत्र कुंवारपुर में चीतल की हुई दर्दनाक मौत: आवारा कुत्तों के हमले के बाद सेप्टीक टैंक में गिरकर हुई मौत

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर/ जिले के वन परिक्षेत्र कुंवारपुर में एक चीतल की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना कुंवारपुर वन परिक्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत चाँटी में हुई,मिली जानकारी के अनुसार जंगल से भटक कर आए चीतल को आवारा कुत्तों के झुंड ने दौड़ाया, जिससे वह निर्माणाधीन सेप्टीक टैंक में गिर गया। वन अमले और ग्रामीणों ने चीतल को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन कुछ देर बाद चीतल की मौत हो गई।
वन विभाग की लापरवाही पर उठ रहें हैं सवाल, क्योंकि क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है। वन विभाग की जिम्मेदारी है कि वह वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, लेकिन लगता है कि वन विभाग वन्य जीवों के संरक्षण के मामले में विफल हो रहा है। वन विभाग को चाहिए कि वह आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करे।

वन अमले और ग्रामीणों ने चीतल को बचाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग की मदद से चीतल को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन कुछ देर बाद चीतल की मौत हो गई ग्रामीणों की मदद से यह पता चलता है कि वन विभाग और ग्रामीणों के बीच समन्वय की कमी हो सकती है, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा में समस्या आ सकती है।

वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग को ठोस कदम उठाने होंगे। इसमें आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान करना और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित माहौल बनाना शामिल है। वन विभाग को चाहिए कि वह वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करे और सुनिश्चित करे कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।
वन विभाग को इस मामले में आगे की कार्रवाई करनी चाहिए और आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान करने के लिए कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा, वन विभाग को वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों। वन विभाग को चाहिए कि वह इस मामले में जांच करे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे।
चीतल की मौत एक दर्दनाक घटना है और वन विभाग की लापरवाही का परिणाम है। वन विभाग को चाहिए कि वह वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए और आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान करे। हमें उम्मीद है कि वन विभाग इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगा और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। वन विभाग को चाहिए कि वह वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करे और सुनिश्चित करे कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।



