कोरिया

गोंडवाना मैरिन फॉसिल्स पार्क: सौंदर्यीकरण या केवल भारी भरकम शासकीय राशि का बंदरबाट

उन चट्टानों में करा दी गई नक्काशी जहां और मिल सकते थे फॉसिल्स

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डीएफओ की कार्यप्रणाली पर एक और प्रश्नवाचक चिन्ह? कई बार लग चुके है आरोप, समाचार के सुर्खी में रहे है डीएफओ फिर भी उच्च संरक्षण प्राप्त

भ्रष्टाचार का गढ़ बनता मनेंद्रगढ़ वन मंडल …शिकायत और जानकारियों के बाद भी सरगुजा वनवृत्त प्रमुख सीसीएफ का उदासीन रवैया और चुप्पी क्यों?

एस. के.‘रूप’

मनेद्रगढ़/ छत्तीसगढ़ के विभिन्न वनवृत्तो में पर्यावरण पार्क , पिकनिक स्पॉट के विकास सौंदर्य करण रखरखाव हेतु बजट आवंटन का प्रावधान है। इसी क्रम में वन मंडल मनेद्रगढ़ के गोंडवाना मेरीन फॉसिल्स पार्क के सौंदर्यीकरणऔर अमृतधारा जलप्रपात के विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2024 -25 में पर्यावरण वानिकी योजना अंतर्गत इको पर्यटन से संबंधित बजट का प्रावधान किया गया था। जिसमें गोंडवाना मेरीन फॉसिल्स पार्क सौंदर्य करण के लिए 98.45 राशि प्रस्तावित की गई थी और अमृतधारा जलप्रपात के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 114.90 लाख प्रस्तावित किया गया था। ‌ प्रधान मुख्य वन संरक्षक छत्तीसगढ़ ने सरगुजा वृत के अंतर्गत मनेद्रगढ़ वन मंडल के गोंडवाना मेरीन फॉसिल्स पार्क की प्रस्तावित राशि 98.45 में से 41.99 आवंटन हेतु प्रस्तावित राशि स्वीकृत की गई थी।
वित्तीय वर्ष 2024 25 में पर्यावरण वानिकी मद में बजट की स्थिति देखी जाए तो प्राप्त बजट 40 करोड़ था। जिसे मुख्य वन संरक्षक छत्तीसगढ़ ने दिनांक 7.10.2024 को प्रस्तावित कार्य हेतु बजट आवंटन की अनुशंसा के साथ प्रस्तुत किया था।
वन मंडल अधिकारी मनेद्रगढ़ अपने पत्र क्रमांक 2276 ,दिनांक 1.10.2024 को मुख वन संरक्षक सरगुजा वन वृत्त अंबिकापुर को वित्तीय वर्ष 2024- 25 में गोंडवाना मेरीन फॉसिल पार्क सौंदर्यीकरण कार्यों का परियोजना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। जिसमें आंशिक संशोधन करते हुए कंस्ट्रक्शन ऑफ रेलिंग वुडन डिजाइन 60 मीटर के लिए 3.48 लाख , कंस्ट्रक्शन का कम्युनिटी टॉयलेट शेड के लिए 5.24 लाख, कंस्ट्रक्शन का सीसी रोड के लिए 2.43 लाख, कंस्ट्रक्शन का ड्रेनेज लाइन पीसीसी वर्क के लिए 1.01 लाख, स्टोन कर्विंग के लिए 25 लाख, पब्लिक फैसिलेशन वर्क के लिए 7.50 लाख, कंस्ट्रक्शन का कैक्टस गार्डन के लिए 5 लाख इस प्रकार कुल 49.66 लाख रुपए स्वीकृति के लिए वन मंडल अधिकारी मनेद्रगढ़ वन मंडल द्वारा मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वन वृत्त अंबिकापुर को पत्र प्रेषित किया गया था। मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वन वृत्त अंबिकापुर के पत्र क्रमांक 2024/ 1397/दिनांक 27 /5/ 2024 को वन मंडल अधिकारी मनेद्रगढ़ वन मंडल के पत्र क्रमांक/व्यय/939 दिनांक 1/5 /24 के संदर्भित पत्र के तारतम्य में पर्यावरण वानकी योजना अंतर्गत दिए गए निर्देशानुसार मनेद्रगढ़ अंतर्गत गोंडवाना मेरीन फॉसिल्स पार्क सौंदर्यीकरण कार्यों का प्राप्त परियोजना प्रतिवेदन में तकनीकी स्वीकृति के साथ 98.45 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति हेतु अनुरोध किया गया था। यहां यह बात उल्लेखनीय है कि आदेश द्वारा श्री माथेश्वरन व्ही भा .व. से. मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वन वृत्त अंबिकापुर ने अपने पत्र क्रमांक 5 अंबिकापुर दिनांक 24/ 5./2024 के आदेश में छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग रायपुर के पत्र क्रमांक/ 295 /सी-30959/वित्तीय/ नियम/ चार/ दिनांक 14 /9 /2011 एवं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षण विविध बजट छत्तीसगढ़ रायपुर के पत्र क्रमांक बजट 15/12/1695 दिनांक 19.9.2011 द्वारा वित्त अधिकार पुस्तिका भाग 2 में प्रदत्त अधिकारों के अंतर्गत वन मंडल अधिकारी मनेद्रगढ़ वानिकी मद अंतर्गत गोंडवाना मेरिन फॉसिल्स पार्क सौंदर्य करण कार्यों का प्रेषित परियोजना प्रतिवेदन के एतद द्वारा 98.45 लाख की तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई थी। ज्ञातव्य है कि इतने भारी बजट प्राप्त होने के पश्चात, वन मंडल अधिकारी मनेद्रगढ़ ने आनन फानन बजट को खपाने के लिए जीवाश्म के पास के पत्थरों में ही नक्काशी करा दी। जिस पत्थरों पर फासिल्स दबे हुए की संभावना है और शोध और अनुसंधान में खुदाई के दौरान और फॉसिल्स भी मिल सकते हैं । फिलहाल गोंडवाना मेरीन फॉसिल्स की ऊपरी चट्टानों की परत से छेड़छाड़ की गई है, पास के कई पत्थरों में जुरासिक पार्क के तर्ज पर डायनासोर एवं विभिन्न जीव जंतुओं की नक्काशी ही दिखाई देती है। नक्काशी करने वालों कलाकारों ने वन मंडल अधिकारी मनेद्रगढ़ के निर्देशानुसार क्षतिग्रस्त हुए पत्थरों को वहां से हटा दिया है । यह भूगर्भ शास्त्रीय एवं जानकारो के अनुसंधान का विषय है की इतनी बड़ी राशि को खर्च करने की जल्दी बाजी में कहीं गोंडवाना मेरीन फासिल्स के मूल स्वरूप को नुकसान न पहुंचा हो। यह भी विशेष जांच का विषय है कि वन विभाग के उच्च कार्यालय द्वारा गोंडवाना मेरीन फॉसिल्स के रखरखाव और सौंदर्य करण के लिए जो भारी राशि स्वीकृत की गई थी उसका कितना प्रतिशत वास्तविक व्यय किया गया है, और कितनी राशि की बंदरबांट की गई है।

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