कोरिया

डॉ0 जे.आर. कंवर अधिवार्षिकी सेवा पूर्ण कर सेवा निवृत्त हुए

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बैकुण्ठपुर’/ शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैकुण्ठपुर में पदस्थ डॉ0 जे.आर.कंवर, सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र के पद से अधिवार्षिकी सेवा पूर्ण कर सेवा निवृत्त हुए। जिनके ससम्मान बिदाई के लिए महाविद्यालय परिवार के द्वारा बिदाई समारोह का आयोजन महाविद्यालय सभाकक्ष में किया गया। समारोह का शुभारम्भ माँ सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर डॉ0 जे.आर.कंवर एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अवधेश कंवर के द्वारा किया गया।

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तदुपरांत महाविद्यालय परिवार द्वारा सेवा निवृत्त हो रहे डॉ0 जे.आर.कवंर जी का महामाला और पौधे भेंट कर क्रमशः अभिनंदन किया गया। शाल, श्रीफल, सम्मान पत्र, प्रतीक चिन्ह एवं उपहार भेंट कर ससम्मान बिदाई दी गई। कार्यक्रम संचालित करते हुए प्रो0 एम0 सी0 हिमधर ने उनके जीवन परिचय पर प्रकाश डाला और बताया कि – अपने जीवन के अनमोल 38 वर्षो की सेवा उच्च शिक्षा विभाग को एवं 23 वर्षां तक इस महाविद्यालय को दिया।

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जिसमें 05 माह तक प्राचार्य के दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किए। इस महाविद्यालय के लिए आपके द्वारा किया गया प्रयास सराहनीय है। इस अवसर पर कंवर जी के साथ कार्य करने वाले प्राध्यापकों, डॉ0 जी0 के0 मिश्रा, डॉ0 विनय शुक्ला, डॉ0 ए0 देऊस्कर, डॉ0 बी0 के0 पाण्डेय, श्रीमती जयश्री प्रजापति, श्री अनुरंजन कुजूर, मोहन मुरारी कंवर, मो0 आरीफ ढेबर, श्री शिवकुमार और विद्यार्थियों की ओर से शिवम सागर, सुनीता साहू, तौफिक ने अपनी भावनाएं व्यक्त की और कंवर जी के कार्य शैली की प्रशंसा करते हुए उनके स्वस्थ जीवन एवं दीर्घायु होने की कामना की। शासकीय कन्या महाविद्यालय बैकुण्ठपुर के प्राचार्य डॉ0 आर0 एन0 कच्छप ने भी उद्बोधन दिया और बिदाई उपहार भेंट किया। रासेयो के सुपर सीनियर देवनारायण सिंह, टकेश्वर राजवाड़े, शिवम सागर, सुनीता साहू ने भी महामाला से स्वागत किया। श्रीमती अवधेश कंवर ने कहा कि – कंवर जी 38 वर्ष के इस सफर में मै उनके साथ रही। जीवन में उतार-चढ़ाव भी आए जिसे हम दोनो ने मिलकर संभाला। उनके सेवानिवृत्त पर बेहतरीन कार्यक्रम आयोजन के लिए महाविद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उनके छोटे पुत्र बृजेश कंवर एवं पुत्री डॉ. रश्मि कंवर ने विचार रखते हुए अपने पिता के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। अन्त में डॉ. जे.आर. कंवर ने अपना उद्बोधन देते हुए सर्वप्रथम अपने माता- पिता, गुरूजनों, पत्नी, बेटे, बेटी और परिवार को याद करते हुए धन्यवाद दिया और कहा कि- इनके मार्गदर्शन, सहयोग और आशीर्वाद से 38 वर्षो की यह यात्रा उच्च शिक्षा विभाग की सेवा करते हुए बीता। इस दौरान कई उतार- चढ़ाव आए लेकिन हिम्मत नहीं हारा। 05 माह के अल्प अवधि के लिए प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी मिली। जिसमें महाविद्यालय के मूलभूत आवश्यक सुविधाओं के लिए प्रयास किया। प्राध्यापकों से कहा कि – महाविद्यालय में शिक्षकों एवं कार्यालयीन स्टॉफ की नियुक्ति पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए की गई है। अतः विद्यार्थियों को पढ़ाने के अलावा उनकी समस्याओं के बारे में भी जानकारी लेकर उसे हल करने के लिए पहल करें। अंत में उन्होनें महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया, और कहा कि- आप सब के सहयोग से यह यात्रा मेरे लिए आसान हुआ है। बिदाई समारोह में उनके गृह ग्राम सोनबचरवार एवं पेन्ड्रा से परिवार के सदस्य एवं रिश्तेदार भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर समाजशास्त्र विभाग के विद्यार्थी भी उपस्थित रहे और उपहार देकर बिदाई दिये। बिदाई समारोह के आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय स्टॉफ के अतिरिक्त रासेयो के सीनियर स्वयं सेवक राधेश्याम पटेल आकाश सिंह, कृष्णा राजवाड़े, तौफिक खान, शशि कुमार पोर्ते,, तनु प्रिया, तनिशा, ललिता, नीलम चौधरी, अंकित, अनुज का विशेष सहयोग रहा।

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