
एस. के. ‘रूप’
रायपुर/ बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र, भोपाल के सोलहवें वार्षिक उत्सव में रायपुर के साहित्यकार गिरीश पंकज को 14अप्रैल को भोपाल के मानस भवन में कवि रंजन सेनगुप्त बाल साहित्यकार सम्मान प्रदान किया जाएगा. यह जानकारी शोध केंद्र के सचिव निर्देशक महेश सक्सेना ने प्रदान की. गिरीश पंकज ने व्यंग्य साहित्य लिखने के साथ-साथ बच्चों के लिए भी निरंतर लेखन किया है. बच्चों के लिए उनके एक उपन्यास बहादुर गोलू, एकांकी संग्रह हम बच्चे हिंदुस्तान के,,कहानी संग्रह तितली की सीख,कविता संग्रह एक हमारा देश, चिड़ियाघर सहित बारह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं.
श्री सक्सेना ने बताया कि वह प्रतिवर्ष बाल साहित्य के क्षेत्र में काम करने वाले कुछ महत्वपूर्ण लेखकों को आमंत्रित करके सम्मानित करते हैं. हमारा दृढ विश्वास है कि बच्चों के लिए उनकी रुचि और आवश्यकताओं के अनुसार साहित्य की रचना करना बड़ा टेढ़ा और चुनौती पूर्ण कार्य है इस काम को एक पवित्र अनुष्ठान के रूप में पूजा समझ कर कई साहित्यकार कर रहे हैं, इनमें गिरीश पंकज भी एक नाम है. सम्मान में शाल, श्रीफल प्रशस्ति पत्र और सम्मान राशि प्रदान की जाएगी. उल्लेखनीय की व्यंग्यकार के रूप में चर्चित देश के दस महत्वपूर्ण लेखकों में शुमार गिरीश पंकज साहित्य की अनेक विधाओं में निरंतर लेखन करते रहे हैं. बाल साहित्य पर भी उनकी बारह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनकी बीस खंडो में ‘गिरीश पंकज रचनावली’ भी प्रकाशित हुई है.



