पूरा मीरा भायंदर ” नो पार्किंग जोन ?
क्या मीरा भायंदर " वाहन उठाईगिरो " को ठेके पर दे दिया गया है ?

●● नेत्रहीन मनपा ? दृष्टिविहीन मनपा आयुक्त ?●●
मुंबई/ बीते रविवार दिनांक 08/12/2024 की तारीख पर कनकिया रोड ( भैरव रेसिडेंशियल से लेकर मैकडोनाल्ड, बैंक ऑफ बड़ौदा तथा उधर से यू टर्न लेकर सिनेमैक्स थियेटर तथा रामदेव पार्क सब्जी मार्केट तक सिर्फ दो ढाई किलोमीटर की सड़क पर इतने नो पार्किग बोर्ड हैं कि गिनना मुश्किल है !
अगर सिर्फ कनकिया रोड से लेकर रामदेव पार्क तक दो किलोमीटर के एरिया का यह हाल है तो ?
समूचे मीरा – भायंदर में कितने ” नो पार्किग बोर्ड ” हो सकते हैं ?
मनपा आयुक्त जवाब दें !
क्या उन्होंने इन स्थानों के ” नो पार्किग बोर्ड का निरिक्षण किया ? यह जानने की कोशिश की ? कि –
क्या वाकई ये स्थान ” आपदापूर्ण ” हैं ?
●● नो पार्किग बोर्ड की जरूरत कब है ?●●
ऐसे सार्वजनिक क्षेत्र, जहां मार्ग अति – व्यस्त तथा संकीर्ण हों ! जहां वाहनों की पार्किग किये जाने से यातायात प्रभावित हो रहा हो – तो ऐसे स्थानों को ” नो पार्किग जोन ” कहना तर्कसंगत कहा जाएगा ! और ऐसे स्थानों पर खड़े किये गए वाहन निश्चय ही दंड के भागीदार हैं !
यही सवाल मनपा आयुक्त तथा प्रशासन से है कि –
क्या ” नो पार्किग बोर्ड ” स्थापित किये गए स्थानों का निरिक्षण किया गया ? क्या वाकई ये स्थान यातायात प्रभावित करने में आपदापूर्ण माने जा सकते हैं ?

कनकिया रोड भैरव रेसिडेंशियल से शुरू हो रहे ” नो पार्किग बोर्ड ” मनपा, मनपा आयुक्त, तथा इन वाहन – उठाईगीरों की हठधर्मिता, लालफीताशाही, अफसरशाही, का जीता जागता सबूत हैं ! ” नो पार्किग बोर्ड ” स्थापित किये गए इन स्थानों पर सड़कों की चौड़ाई बहुत बढ़िया है ! तथा ऐसी कोई स्थिति निर्मित हो ही नहीं सकती ! न ही यहां कभी यातायात की गहमामहमीं देखी जा सकती है ! कि यातायात में विघ्न उत्पन्न हो रहा हो ! तथापि ” नो पार्किग बोर्ड ” लगाया जाना और जनता की परेशानी बढ़ाना क्या साबित करता है ? मनपा आयुक्त को दृष्टिविहीन कहना क्या गलत है ? क्या श्रीमंत अपने पद के नशे में चूर अपनी कुर्सी पर औंधे पड़े रहते हैं ? क्या अपने पद की गरिमा और अपने दायित्व का श्रमंत को कोई भान नहीं है ? शर्म ! शर्म ! शर्म!

इसी सड़क पर मैकडोनाल्ड के पहले लेफ्ट साईड में बैंक ऑफ बड़ौदा के परिसर से लगा ” नो पार्किग ” का यह बोर्ड मनपा आयुक्त का मुंह चिढ़ा रहा है ! जबकि यह स्थान भी आपदापूर्ण तो किसी भी सूरत में नहीं कहा जा सकता ! बैंक में बेहद जरूरी कामकाज से आए लोग मोटरसाइकिल क्या जेब में रखकर चलें ? उनकी बाईक या वाहन उठाईगीर ले जाते हैं – तो कितनी असुविधाजनक स्थिति का सामना करना पड़ता होगा ? आयुक्त महोदय को एक आम भारतीय नागरिक बन कर इस पर चिन्तन करने की आवश्यकता है ?
अब ?
नागरिक अपने बूढ़े नाना नानी / दादा दादी को गार्डन में स्वास्थ्य लाभ के लिये छोड़ने आएं – और इन वाहन उठाईगीरों की दादागिरी और वाहन जब्त किये जाने पर उसकी भरपाई स्वरूप 800/- रूपये की राशि भरें – तो स्वास्थ्य लाभ कितना मंहगा पड़ रहा होगा ? ये मनपा आयुक्त बताएंगे ? और साथ ही ऐसे सार्वजनिक स्थल पब्लिक गार्डन के बाहर आपदारहित जगहों से वाहनों को उठाया जाना क्या तर्कसंगत है ? क्या ये हद दर्जा अमानवीय कृत्य नहीं ?
●● ” नया नगर ” मीरा भायंदर का एक मात्र आपदारहित क्षेत्र ●●
जी हां ,
कदाचित यह क्षेत्र मीरा भायंदर के नक्शे से बाहर है ? कदाचित मनपा आयुक्त को नया नगर की कोई जानकारी नहीं है ! तभी तो यहां एक भी नो पार्किग बोर्ड दिखाई नहीं देता ? या फिर मनपा के वाहन उठाईगीर दलालों की हिम्मत इस क्षेत्र में घुसने की भी नहीं होती ?
अब तो मनपा आयुक्त, और ये वाहन उठाईगीर दलाल फंस ही गए ! कि आखिर इनका नया नगर से क्या याराना है ? जो हद से ज्यादा यातायात प्रभावित आपदाग्रस्त इलाके को क्लीन चिट दे रखी है ? बहुत याराना है !
अब –
मनपा आयुक्त महोदय स्पष्ट करें कि –
मीरा भायंदर की निरीह जनता से आखिर ये सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है ?

मीरा भायंदर महानगरपालिका के ये वाहन उठाईगीर काम के बड़े पक्के और गजब मेहनती हैं !

रविवार को भी भयंकर सक्रिय रहते हैं ! उपरोक्त तस्वीर रविवार सुबह दस ग्यारह बजे के आसपास की ही है ! कितने वाहन इस छुट्टी के दिन उठाए गए होंगे – ? ये इनकी तस्वीर देख कर पता चलता है !

एक वाहन का जुर्माना 800/- रूपये होते हैं ! एक फेरा लेने पर कितने वाहन ? तो पूरे दिन के 70/100 फेरे लेने पर कितने वाहन ? और रकम 800× ???? = ?, तो ? मनपा का इस लूट में कितना हिस्सा होगा ?रामदेव पार्क भाजी मार्केट के बाहर का परिसर जहां पार्किग की अच्छी खासी जगह है ! जो यातायत बाधित होने जैसी कोई स्थिति आने नही देगा ! वहां 10/10 मीटर की दूरी पर नो पार्किग बोर्ड लगे हैं ! व्यक्ति सब्जी – भाजी खरीदने मोटरसाइकिल से आया – उसे टमाटर 880 रूपये किलो पड़ा ! क्योंकि 800 रूपये बतौर जुर्माना भरकर 80 रूपये का टमाटर घर लेकर गया ?
बताए आयुक्त महोदय ?
सब्जी मार्केट, बैंक, स्कूल, अस्पताल जैसे अति – संवेदनशील सार्वजानिक स्थलों पर इस तरह की ज्यादती क्या मानवीयता के दायरे में आती है ?
क्या आपने कभी घूम कर देखा कि – नो पार्किग बोर्ड कहां जरुरी है ? कहां नहीं?
पूरा मीरा भायंदर- ” नो पार्किग जोन ? PART 2
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इसी शीर्षक पर मैंने रामदेव पार्क भाजी मार्केट के बाहर स्थित कुछ दुकानदारों से चर्चा की ! जानकारी प्राप्त हुई – जो इस प्रकार है !
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रामदेव पार्क भाजी मार्केट के सामने स्थित सोसाइटीज और लोकल बसों के वाहन चालकों ने यहां शाम को ट्रैफिक जाम होने की शिकायत अवश्य की है ! जो वाहनों की पार्किग किये जाने से उतनी प्रभावित नहीं जान पड़ती ? क्योंकि मोटरसाइकिलें सड़क से दूर गार्डन की दीवारों के आसपास जहां पार्किग करने पर किसी प्रकार की यातायात प्रभावित होने जैसा नहीं होता ! दरअसल यातायात प्रभावित होने का मुख्य कारण ऐन सड़कों पर लगाई जा रही दुकानें, रेहड़ियां, फल सब्जी के ठेले, पानी पूरी की दुकानें, आदि हैं – जो सड़क जाम करती यातायात प्रभावित करती हैं !

इसी की शिकायत की गई है ! जिसका अनुचित लाभ उठाते हुए नो पार्किग के बोर्ड लगाकर सिर्फ मोटरसाइकिलों को ही टारगेट किया जा रहा है ! ऐन टोईंग किये जाने का दृश्य जो पिछले पत्र में भेजा गया है – देखा जा सकता है कि मोटरसाइकिलें ही टारगेट हैं – और देखा और पाया जाता है कि इन्हीं नो पार्किग बोर्ड लगे स्थानों पर खड़े चार पहिया गाड़ियों पर इन वाहन उठाईगीर दलालों की कोई दिलचस्पी नहीं है ।

मनपा आयुक्त तथा श्री नरेन्द्र मेहता इस संदर्भ में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर सकेंगे ?
यही वो समय है – जब ट्रैफिक जाम होता है ! और ऐसा कभी कभी होता है ! सामने नो पार्किग का बोर्ड है ! आसपास में आपका ठेला, पानी पुरी की रेहड़ी, फलों सब्जियों की दुकान सब कुछ वैध है ! वाहन उठाईगीर दलाल सिर्फ मोटरसाइकिल से चिढ़ते हैं ! आपने गाड़ी खड़ी की – और गए काम से ! दोपहर का सुनसान समय हो और गाड्रक मोटरसाइकिल खड़ी देखी – ये उठा लेंगे ! बकायदा आपको नो पार्किग बोर्ड के साथ लगी आपकी मोटरसाइकिल की फोटो दिखाएंगे!

ये वाहन उठाईगीर दलाल सुबह से शाम तक गिद्धों की तरह इस खाली सड़क पर भी मंडराते वाहनों को उठाते देखे जा सकते हैं ! जो कि निहायत ही शर्मनाक और घृणित निन्दनीय कृत्य है ! इसके लिये उस ठेकेदार को भी दंडित किया जाना आवश्यक है – जिसने नो पार्किग का अनुचित लाभ उठाया है ! आश्चर्य का विषय है कि इस संदर्भ में अब तक मनपा आयुक्त ने ध्यान नहीं दिया ! ये मैटर फोटो समेत मनपा आयुक्त और नरेन्द्र मेहता साहब को 10 दिसंबर 2024 की तारीख पर भेजे जा चुके हैं ! तथापि जनता के ऐसे संवेदनशील मामले पर प्रशासन और आदरणीय नेताजी मेहता जी का ध्यान न जाना – अफसरशाही और लालफीताशाही की हदों को पार करता नजर नहीं आता ? अब तो चुनाव भी खत्म हुए ! नेताजी आदर-सम्मान के साथ विराजमान हुए – इनके बधाई होर्डिग भी बड़े सुन्दर बनाए गए हैं ! अगर ढूंढा जाए तो नो पार्किग बोर्ड भी नीचे दिख जाएगा ! पर क्या करे बेचारी जनता – अब अगले पांच सालों में ही नेताजी से बात करने का वक्त आएगा?
जय हिन्द ! वन्देमातरम् !
कृते –
समीर मेमन,
(पुश्तैनी नाभी चिकित्सक)
ला – गार्डनियां सोसाइटी B 103
लक्ष्मी पार्क, युनिक गार्डन,
कनकिया,
मीरा रोड ईस्ट



