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बाघ का सफल रेस्क्यू, मार्च माह से भटक रहा था बाघ,कसडोल के रिहाईसी इलाके में चार दिन से रहा मौजूद, अब गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व की बढ़ाएगा शोभा

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एस. के.‘रूप’

कसडोल–पिथौरा/ विगत मार्च माह से कसडोल पिथौरा क्षेत्र में विचरण कर रहे बाघ का कसडोल के रिहायशी इलाके में सफल रेस्क्यू वन विभाग की टीम द्वारा विगत 26 नवंबर को किया गया।

j-1-226x300 बाघ का सफल रेस्क्यू, मार्च माह से भटक रहा था बाघ,कसडोल के रिहाईसी इलाके में चार दिन से रहा मौजूद, अब गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व की बढ़ाएगा शोभा

यह पूरा घटनाक्रम कौतूहल का विषय बना रहा।ऑपरेशन को देखने के लिए ग्रामीणों का हुजूम लग गया लेकिन रेस्क्यू टीम के द्वारा उक्त स्थल तक पहुंचने के लिए घेराबंदी कर दी गई थी।

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रेस्क्यू के बाद बाघ को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व में रिलीज किया गया आपको बता दें गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व नवीनतम और बाघ संरक्षण के लिए अनुकूलित है जवान नर बाघ बारनवापारा वाइल्डलाइफ सेंचुरी से इस इलाके में घूम रहा था और विगत चार दिनों से कसडोल के रिहायशी इलाके में ही था बाघ के द्वारा कोई क्षति,जनहानि नहीं पहुंचाई गई।

z-5-300x137 बाघ का सफल रेस्क्यू, मार्च माह से भटक रहा था बाघ,कसडोल के रिहाईसी इलाके में चार दिन से रहा मौजूद, अब गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व की बढ़ाएगा शोभा

पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख श्री निवास राव, ए पीसीसीएफ वन्यप्राणी प्रेम कुमार, सीसीएफ वन्यप्राणी सतोविशा समाजदार ,डीएफओ बलौदाबाजार मयंक अग्रवाल,समस्त स्थानीय एसडीओ रेंजर और कर्मचारी गण , डॉ पी के चंदन कानन पेंडारी, डॉ राकेश वर्मा जंगल सफारी, डॉ रश्मिलता पशु चिकित्सा अधिकारी कसडोल की मौजूदगी में ट्रेंकुलाइज कर बाघ को सुरक्षित रहवासी इलाके के निकाल कर गुरुघासीदास टाइगर रिजर्व के लिए सीसीएफ वन्यप्राणी सतोवीशा समाजदार की अगुआई में गुरुघासीदास टाइगर रिजर्व के लिए रवाना किया गया।

x-6-172x300 बाघ का सफल रेस्क्यू, मार्च माह से भटक रहा था बाघ,कसडोल के रिहाईसी इलाके में चार दिन से रहा मौजूद, अब गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व की बढ़ाएगा शोभा

मिली जानकारी के अनुसार विगत मार्च के महीने से बारनवापारा एवं कोठारी अभ्यारण्य क्षेत्र में घूमते हुए उक्त बाघ को देखा जा रहा था। वन विभाग इसे लेकर अलर्ट जारी किया था एवं गांव में मुनादी भी एहतियातन करा दी गई थी।

2-5-300x279 बाघ का सफल रेस्क्यू, मार्च माह से भटक रहा था बाघ,कसडोल के रिहाईसी इलाके में चार दिन से रहा मौजूद, अब गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व की बढ़ाएगा शोभा

किंतु बीते दिनांक 25 नवंबर को लवन क्षेत्र में ग्रामीणों ने उसे देखा था वही बाघ मंगलवार को कसडोल से लगे हुए ग्राम कोट (क) में आशीष कुमार यादव ने विनोद की बाड़ी में चहलकदमी करते हुए सुबह 8 बजे अचानक करीब 5 मीटर की दूरी पर बाघ को देखा इसके पश्चात बदहवासी में समीप ही बने शौचालय में युवक ने छुपकर अपनी जान बचाई। इसके पश्चात बाघ गोरधा होते हुए कसडोल के पारस नगर सेक्टर 01 में पहुंच गया। इसके पूर्व वन विभाग की रेस्क्यू टीम अपनी नजरें जमाए हुए बाघ का पीछा कर रही थी। चूंकि बाघ तेज गति से न दौड़कर चहल कदमी करते हुए रिहायशी इलाकों में घूम रहा था। इस कारण वन विभाग को ट्रेंकुलाइजर गन चलाने एवं निशाना लगाने में ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा इस तरह बाघ को टीम ने रेस्क्यू कर लिया है।

रेस्क्यू टीम में रायपुर से आए हुए ट्रेंकुलाइजर गन धारकों ने पीछा कर बाघ को बेहोश कर अपने कब्जे में रखागया।बाघ को गुरुघासीदास टाइगर रिजर्व में रिलीज किया गया है।

आपको बता दें वन विभाग स्वच्छंद घूम रहे बाघ को लंबे समय से पकड़ने की योजना बनाए हुए था उन्हें अब जाकर सफलता मिली। इस दौरान वन विभाग, पुलिस विभाग व डाक्टरों सहित,हजारों की संख्या लोग मौजूद रहे।

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