भरतपुर जिले में रेत उत्खनन के खिलाफ ग्रामीणों का बड़ा प्रदर्शन
ग्रामीण कर रहे नदियों के संरक्षण की मांग

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर/ भरतपुर जिले ग्रामीण अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यहां की नदियों में अवैध रेत उत्खनन से परेशान ग्रामीण खुद ही विरोध का मोर्चा संभालने को मजबूर हैं। भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र में नदियों का दोहन थमने का नाम नहीं ले रहा है, और प्रशासन की अनदेखी ने ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

मलकडोल इलाके में भारी विरोध, सैकड़ों ग्रामीण उतरे सड़कों पर
बरसात के समाप्त होते ही मलकडोल इलाके में जेसीबी मशीनों ने रेत उत्खनन शुरू कर दिया, जिसके बाद यहां के ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में एकजुट होकर विरोध करने पहुंच गए। ग्रामीणों ने साफ तौर पर मांग की है कि उनके जीवनदायिनी नदियों पर रेत का उत्खनन न हो। इस विरोध में जिला जनपद सदस्य रवि शंकर सिंह ने भी मोर्चा संभाला और सरकार को चेतावनी दी कि नदियों का यह दोहन नहीं होने दिया जाएगा।

रेत उत्खनन का विरोध, महिला-पुरुष दोनों की मौजूदगी
मलकडोल, घटई, और कंजिया गांव के ग्रामीणों ने ओदारी नदी से हो रहे रेत उत्खनन का खुलकर विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध रेत उत्खनन के चलते क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है, और गर्मियों में जल स्तर काफी नीचे चला जाता है, जिससे पीने के पानी का संकट बढ़ जाता है।

जनहितसंघ पंडो विकास समिति की प्रदेश प्रमुख सुखमंती सिंह ने कहा कि यह रेत उत्खनन गलत है इससे हमारे पर्यावरण को नुकसान होता है जल स्तर गिरता है और आगे चल कर यहां के लोगो के लिये रेत के लिये दिक्कत होगी आम अपने क्षेत्र की खनिज संपदा का उत्खनन नहीं करने देंगें ।
सड़कों पर उतरे भाजपा नेता और ग्राम पंचायत सदस्य
भाजपा नेता रवि शंकर सिंह ने विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर ओदारी नदी में हो रहे अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने की मांग की। ग्राम पंचायत सदस्य संजय ने भी कहा कि एक हफ्ते से यहां के नदी में अवैध रेत उत्खनन जारी था, और ग्रामवासी इसे रोकने के लिए एकजुट हो गए हैं। कंजिया निवासी राहुल सिंह मरकाम ने भी विरोध में कहा कि तीन दिन से यहां धरना प्रदर्शन जारी है, फिर भी प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा है।
सोशल मीडिया पर भी अवैध रेत उत्खनन पर गुस्सा, पूर्व विधायक ने किया पोस्ट
भरतपुर-सोनहत पूर्व कांग्रेसी विधायक गुलाब कमरों ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “करनी और कथनी में फर्क है,” जिसके बाद अवैध रेत उत्खनन को लेकर लोगों में और आक्रोश बढ़ गया। मुख्यमंत्री द्वारा भी इस पर नाराजगी जाहिर की गई थी, लेकिन इसके बाद भी अवैध रेत उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
नदियों के संरक्षण के लिए ग्रामीणों का संघर्ष जारी
भरतपुर के ग्रामीण नदियों के संरक्षण के लिए अपने बल पर यह लड़ाई लड़ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण की खातिर ग्रामीणों की मांग है कि अवैध रेत उत्खनन पूरी तरह से बंद किया जाए ताकि क्षेत्र का प्राकृतिक संतुलन बरकरार रह सके।
खनिज अधिकारी ने रेत खनन को बताया वैध
जब रेत खनन को लेकर खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा से बात की है तो उन्होंने बताया की जो घटई मलकडोल में रेत उत्खनन हो रहा ओ पर्णतः वैध है इसमे पर्यवरण और सभी का परमिशन है बल्कि वहां लगी मशीन में पथराव की शिकायत मिली है जिसकी जांच की जा रही है।



