
उत्तराखंड की प्रेमा विश्वास ने अपनी मेहनत और समर्पण से पैरा बैडमिंटन में खास पहचान बनाई है। व्हीलचेयर पर खेलते हुए उन्होंने ना केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी काबिलियत साबित की है। अब प्रेमा का चयन इंडोनेशिया में होने वाली हाईड्रोप्लस पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2024 प्रतियोगिता के लिए हुआ है, जो 17 से 23 सितंबर के बीच आयोजित होगी।
प्रेमा का संघर्षपूर्ण सफर

2009 में एक दुर्घटना के बाद प्रेमा व्हीलचेयर पर आ गईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। खेल के प्रति अपने जज्बे और प्रेम को बनाए रखते हुए, उन्होंने 2017 में बैडमिंटन खेलना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने जिला स्तर से लेकर राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल का प्रदर्शन किया। आज वह 12 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं, जिनमें 23 पदक शामिल हैं।

2023 में, प्रेमा ने इंडोनेशिया में आयोजित एक प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था और इस बार भी उन्हें बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। वह 14 सितंबर को दिल्ली से इंडोनेशिया के लिए रवाना होंगी, जहां वह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रेमा का संकल्प

प्रेमा के लिए खेल में सफलता हासिल करना आसान नहीं रहा। उन्हें आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिससे उनके प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेना मुश्किल हो गया। प्रेमा ने बताया कि उन्हें एक सरकारी नौकरी की जरूरत है, जिससे वह अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें और अपने खेल के सपनों को पूरा कर सकें। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और सीमित संसाधनों के साथ अपने सपनों का पीछा करना जारी रखा।
इंडोनेशिया में प्रेमा की उम्मीदें
इस बार प्रेमा विश्वास की नजरें इंडोनेशिया में अपने देश के लिए एक और पदक जीतने पर हैं। उनकी कहानी न केवल पैरा एथलीट्स बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो किसी न किसी तरह की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। प्रेमा ने दिखा दिया है कि अगर आपके इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा आपको अपने लक्ष्य से दूर नहीं कर सकती।
प्रेमा विश्वास की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि जीवन की हर चुनौती का सामना साहस और आत्मविश्वास के साथ करना चाहिए। अब पूरा देश उनकी सफलता की कामना कर रहा है, और उम्मीद है कि वह इस बार भी अपने खेल से देश को गौरवान्वित करेंगी।



