
सतीश मिश्रा
एमसीबी/ विकास खण्ड भरतपुर के सुदूर वनांचल क्षेत्र बीहड़ पहुच विहीन ग्राम पंचायत बड़गांव खुर्द जहाँ शासन के द्वारा चिकित्सालय तो बना दिया गया है लेकिन वहां कोई डॉक्टर या कोई भी स्वास्थ्य विभाग का स्टॉफ ही नहीं है। और ग्रामीणों की जान जोखिम में ही है।

जब हमने ग्रामीणों से पूछा तो ग्रामीणों तो उनके द्वारा बताया गया कि यहां लगभग 2 वर्ष से कोई नही आया है हम लोग एक मितानिन के भरोसे जी रहे हैं अगर वो नही सम्हाले तो हम मर जाये लेकिन अगर कोई बड़ी बीमारी या डिलवरी होना होता है तो बहुत परेशानी होती है यहां कोई डॉक्टर या स्टॉफ नहीं रहता है।
इस संबंध में ग्राम पंचायत की सरपंच ने कहा कि बिल्डिंग तो बना दिया गया लेकिन कोई सुविधा यहां नही है स्वास्थ्य विभाग के कोई स्टॉफ भी नही रहते जिससे ग्रामवासियों को कोई स्वास्थ्य लाभ मिल सके पहुच विहीन होने के कारण यहाँ एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध होने में बहुत दिक्कत होती है।
इस सम्बंध में जब जिला चिकित्सा अधिकारी अविनाश खरे से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इसके पहले एक संविदा कर्मचारी रखी गयी थी वो छोड़ चुकी है इसके बाद एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता को रखा गया जो वहां नही जा रहा है चार माह से उसकी सैलरी रोकी गयी है एवम उसे कारण बताओ नोटिस जारी की जाएगी विभागीय जांच होगी एवम अन्य कार्यवाही की जाएगी और मेरे द्वारा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को निर्देशित किया गया है कि वहां तत्काल स्टाप को भेजा जाय जिससे वहां के लोगो को स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
अब देखना होगा कि बड़गांव खुर्द के आदिवासी बाहुल्य ग्रामीणों को एमसीबी जिला स्वास्थ्य प्रशासन कब तक सुविधा मुहैया कराता है।



