चैनपुर विद्युत सब स्टेशन की मनमर्जी चरम पर,,बिना बारिश रोजाना 6,,7 घंटे बंद कर दी जाती है 33 के व्ही की सप्लाई

संवाददाता
मनेंद्रगढ़ / एम सी बी – पूरी गर्मी मेंटेनेंस के नाम तपती धूप में हफ्तों लोगो का जीना हराम करने के बाद भी बरसात के दिनों में इन निकम्मे विद्युत कर्मियों के निकम्मेपन की हद तब पार हो जाती है जब बरसात की हल्की सी बूंदा बांदी में घंटों इस डर से बिजली सप्लाई बंद कर दी जाती है क्यू की इनके निठल्लेपन की पोल न खुल जाए और इसलिए शायद ये लोग आमजन की सुविधा को बाधित करने का कृत्य करते हैं । मजे की बात तो यह होती है की विद्युत विभाग के उच्च अफसर भी कामचोर की तरह अपनी जिम्मेदारी को दरकिनार कर चुप्पी साध लेते हैं और सबकुछ या तो कोरबा के सर मढ़ देते हैं या फिर लाईन में फाल्ट बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं । इन दिनों बारिश का सीजन है और बिजली विभाग की नौटंकी का आलम क्षेत्र की आम जनता में रोष का कारण बना हुआ है । थोड़ी सी बारिश में चैनपुर विद्युत सब स्टेशन द्वारा लंबे समय के लिए 33 के व्ही सप्लाई बंद कर देने की घटिया कृत्य से बरबसपुर ,महाराजपुर ,नागपुर, उजियारपुर,सहित कई आश्रित ग्राम लगातार अंधकार में जीवन व्यतीत करने को विवश हो चुके हैं । माना की तेज बारिश और गर्जना से विद्युत लाईन को क्षति पहुंचने का खतरा होता है परंतु चैनपुर विद्युत सब स्टेशन के निकम्मे कर्मचारियों की आदत में शामिल हो चुका है की बारिश के एक घंटे पहले ही 33 के व्ही सप्लाई बंद तो कर दी जाती है परंतु इस बात की गारंटी नहीं होती की विद्युत आपूर्ति कुछ घंटों बाद बहाल हो जायेगी । सूत्रों से प्राप्त जानकारी की कहें तो चैनपुर विद्युत सब स्टेशन के कर्मचारी का ही कहना है की बारिश शुरू होने के पहले ही इसलिए सप्लाई बंद कर दी जाती है क्यू की रात में फाल्ट और फाल्ट सुधार से बचा जा सके और कर्मचारियों को विद्युत बहाली के लिए फील्ड में काम न करना पड़े इसलिए ये लोग सप्लाई ही बंद कर देते हैं । आपको बता दें की एम सी बी जिले अंतर्गत चैनपुर विद्युत सब स्टेशन द्वारा क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति लगातार लंबे समय से बाधित की जाती रही है इससे यही प्रतीत होता है की राज्य की मौजूदा सरकार को विद्युत आपूर्ति के नाम लगातार बदनाम करने की साजिश की जा रही है और इसमें विद्युत विभाग के अफसरों का सीधा प्रयास भी देखा जा रहा है शायद इसलिए विद्युत सप्लाई को बार बार लगातार बाधित किया जा रहा है। जिससे आम लोगों में राज्य सरकार की बिजली व्यवस्था पर उंगली उठे और लोगों में सरकार के प्रति रोष बनता रहे ।



