ग्रामीणों को सारी सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएगी आप सभी अपने मत का प्रयोग करें अतिशीघ्र सभी कार्य करा दिए जाएंगे: तहसीलदार
तहसीलदार मनहरण सिंह राठिया पहुंचे पोंडी के ग्रामीणों के पास

समस्याओं को किया पंजीबद्ध त्वरितआश्वासन के बाद ग्रामीणों ने किया अपने मताधिकार का प्रयोग
सतीश मिश्रा
जनकपुर/ वनाश्रित ग्राम पोंडी डोल भरतपुर जिला एमसीबी के ग्रामीणों से 7 मई को संवेदनशील कलेक्टर श्री वेंकटेश के निर्देश पर तहसीलदार मनहरण सिंह राठिया ग्रामीणों के पास पहुंचे। उन्होंने असुविधाओ और ग्रामीणों के मांग को विस्तारपूर्वक सुना और पंजीबद्ध करते हुए सभी को त्वरित आश्वासन दिया कि अतिशीघ्र उक्त किए जायेगे आप सभी अपने मत का प्रयोग करें। उन्होंने सड़क बिजली पानी शिक्षा नेटवर्क वन अधिकार पट्टा आदि समस्याओं लिखा। ग्राम के दक्षिण में नाला के जल के प्रयोग हेतु स्टाप डेम के निर्माण की बात कही।

इस प्रकार ग्रामवासी एक ए ग्रेड अधिकारी जो खुद निर्वाचन प्रक्रिया के जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त है उनकी बातो पर विश्वास हुआ और अपने मत का प्रयोग किया। इस पूरे घटना क्रम पर सुखमंती सिंह महिला नेत्री जो महिलाओं और आदिवासी हित के लिए आवाज बुलंद करती रहती है उन्होंने कहा कि तहसीलदार साहब के आश्वासन पर भरोसा करके ग्रामीण चुनाव में भाग ले रहे है हम लोकतंत्र के महापर्व का महत्व समझते है लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि सरकार आती जाती है लेकिन हमारा मांग कोई नही सुनता जब ग्रामीण मूलभूत सुविधा विहीन है तो उनका मत आज तक तो उद्देश्य हीन ही हुआ क्योंकि उन्हें कोई नही पूछा कैसा उनका कहना था इसलिए हमने अपने आदिवासी भाई बहनों का साथ दिया आगे भी आंदोलन करना पड़े पण्डो आदिवासी महिला बुजुर्ग के लिए हम पीछे नहीं हटेंगे।

जनहित संघ के जिला प्रमुख और सम्यक क्रांति के सतीश मिश्र और गणेश तिवारी ने उक्त पूरे घटनाक्रम में अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी ग्रामीण कई मूलभूत सुविधा के लिए वंचित है। हम प्रकाशित करते है कुछ पर त्वरित कारवाई होती है लेकिन आज भी सुदूर वनांचल के क्षेत्र में बिजली पानी सड़क शिक्षा की कमी है जिसपर काम होना है।
जन हित संघ पण्डो विकास समिति के केंद्रीय अध्यक्ष दुष्यंत कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशासन ने सजगता दिखाई जिसके लिए जिले के कलेक्टर,तहसीलदार एसडीएम बधाई के पात्र है लेकिन ये सिलसिला यही रुकना नही चहैहे जिस प्रकार श्री राठिया तहसीलदार साहब ने वहा जाकर ग्रामीणों को आश्वासन ही नही दिया समस्याओं को लिखा और उसका उपाय भी ढूंढा यही होना चाहिए। तभी लोकतंत्र में व्यवस्थापिका कार्यपालिका की भूमिका का सही निर्वहन होगा। उन्होंने कहा कि यह महापर्व है लेकिन जब आदमी बीमार हो दुखी हो लाचार हो था ऐसी अवस्था में कैसे पर्व माना पाएगा इसलिए ग्रामीणों ने बहिष्कार का निर्णय लिया था अब उन्होंने मताधिकार का प्रयोग किया है आशा से उम्मीद से यह उम्मीद खरा उतरना होगा। हम जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाते है लेकिन हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है मनुष्यता और जनहित।
ग्रामीणों में अपने मत का प्रयोग कर लिया है अब आगे देखना होगा कब तक उन्हें मूलभूत सुविधाओं को मुहैया करा दिया जाता है।



