छत्तीसगढ़

जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों के समस्याओं से संबंधित 345 आवेदन हुए प्राप्त

शिविर में हितग्राहियों को किया गया सामग्री वितरण

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गरियाबंद / जिले के छुरा विकासखण्ड के ग्राम मुड़ागांव में आज जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में राजस्व, पंचायत, कृषि, क्रेडा, वन, स्वास्थ्य, पीएचई, महिला एवं बाल विकास, उद्योग, शिक्षा, आदिवासी विकास, विद्युत, श्रम, समाज कल्याण उद्योग, आयुर्वेद सहित अन्य विभागों द्वारा आमजनों से प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए स्टॉल लगाए गए थे।

शिविर में लोगों के समस्याओं से संबंधित 345 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर में अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। लंबी प्रक्रियाओं वाले एवं उच्च कार्यालयों के मार्गदर्शन से संबंधित आवेदनों के निराकरण के बारे में आवेदकों को अवगत कराया गया। शिविर में जिला अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को जागरूक होकर अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। शिविर में कलेक्टर दीपक अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ रीता यादव, अपर कलेक्टर अरविंद पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। उन्होंने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। साथ ही हितग्राहियों को विभागीय योजना के तहत सामग्री वितरण कर मौके पर ही लाभान्वित किया।

इस दौरान कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीणजनों की विभिन्न समस्याओं का एक ही स्थान पर त्वरित निराकरण के लिए शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

इसी तारतम्य में आज मुड़ागांव में शिविर का आयोजन किया गया। उन्होंने क्षेत्र अंतर्गत गांवों में समस्याओं से संबंधित प्राप्त शिकायतों का जिला प्रशासन की ओर से तत्परता से निराकरण किया जायेगा। कलेक्टर अग्रवाल ने बताया कि शासन के मंशानुप जिले में प्रत्येक माह 2 बार जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के जो लोग जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पाते है। उन लोगों के लिए यह शिविर काफी लाभदायक है। शिविर में सभी विभाग के जिला अधिकारी उपस्थित रहकर ग्रामीणजनों की मांग, समस्या एवं शिकायतों को सुनकर उनका अधिक से अधिक शिविर स्थल पर ही निराकरण करने का प्रयास करते है। गरियाबंद जिले को शत प्रतिशत सेचुरेशन के लिए चयनित किया गया है। जिसका ग्राम पंचायतवार छूटे हुए लोगों का सर्वे कर लिया गया है। जिसमें 37 प्रकार की हितग्राहीमूलक सेवाएं शामिल है। इन सेवाओं से सभी पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर शिविर भी लगाए जायेंगे। जिसमें पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं से लाभान्वित किया जायेगा। कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन के निर्देश पर खरीफ विपणन 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 14 नवम्बर से की जायेगी। प्रत्येक पात्र किसानों से 3100 रूपये की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की जायेगी। किसान अपने खेत में वास्तविक रूप से बोये गये धान की बिक्री करे, ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने किसानों को रबी फसल सीजन में धान के बदले अन्य फसल जैसे दलहन, तिलहन एवं बागवानी फसल लेने की अपील की। जिन गांव के किसान रबी फसल में शत प्रतिशत धान के बदले अन्य फसल लगायेंगे ऐसे गांव के किसानों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जायेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हितग्राहियों के लिए बनाये गये राशन कार्ड में परिवार के दर्ज सदस्यों का ईकेवायसी अनिवार्य रूप से करवाये। उन्होंने पशुपालकों से कहा कि पशुओं को सड़क पर खुले न छोड़े, पशुओं को खुले में छोड़ने से सड़क दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। पशु मालिक पशुओं को गौठान में रखे। कलेक्टर ने ग्रामीणों को समझाईश दी गई कि गांव की साफ-सफाई पर विशेष रूप से ध्यान रखे। साफ-सफाई रखने से गांव में बीमारियां नहीं होती साथ ही गांव स्वच्छ दिखता है। छुरा ब्लाक ओडीएफ प्लस होने की ओर अग्रसर है, इसके लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। विभिन्न ग्राम पंचायतों में कचरा कलेक्शन के लिए रिक्शा की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणजन सहभागिता से कचरा कलेक्शन करें।

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