अपने जमाने का चरित्र अभिनेता छत्तीसगढ़ बिलासपुर के वृद्धाश्रम में गुमनामी का जीवन जीने को मजबूर
बीमार वृद्ध डॉ राजीव गौड़ नित्य कर्म हेतु भी परेशान

वृद्धों को सुविधाओं की कमी शासकीय हो या निजी वृद्ध आश्रमों का बुरा हाल
योगाचार्य फ्रॉम मुंबई यूनिवर्सिटी एडवांस डिप्लोमा फॉर योगा
बिलासपुर यूनिवर्सिटी में 3 वर्ष प्रोफेसर योगा साइंस,40 फिल्मों में चरित्र अभिनेता रह चुके हैं डॉ राजीव गौर
एस. के.‘रूप’
बिलासपुर–छत्तीसगढ़/ भारतीय सिनेमा के सदाबहार अभिनेता देवानंद के साथ काम कर चुके लगभग 40 फिल्मों में चरित्र अभिनेता का किरदार निभाया एक फिल्म राजद्रोह बनी जिसमें महत्वपूर्ण भूमिका की जो इनके जीवन में मिल का पत्थर था लेकिन सही हाथों में फिल्म के नहीं जाने से नहीं चली फिर भी मुंबई माया नगरी में अपना खूंटा गाड़ लिया।

निजी जीवन में योगाचार्य फ्रॉम मुंबई यूनिवर्सिटी एडवांस डिप्लोमा फॉर योगा बिलासपुर यूनिवर्सिटी में 3 वर्ष प्रोफेसर इन योग साइंस डॉ राजीव गौड़ अपने जमाने का चरित्र अभिनेता छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के वृद्ध आश्रम में गुमनामी का जीवन जीने को मजबूर है

वर्तमान में श्री राजीव गौड़ बिलासपुर सरकंडा जोरापारा में श्याम तिवारी द्वारा संचालित सुहानी वृद्धाश्रम में है विदित हो कि शासकीय वृद्धाश्रम ईदगाह चौक से श्री गौर को सुहानी विद्याश्रम में स्थानांतरित किया गया क्योंकि उन्हें शौच क्रिया करने में प्रतिदिन भारी तकलीफ होती है श्री गौर आज से 8 महीने पहले बाथरूम में गिर पड़े थे तब से उनकी स्थिति दयनीय हो गई है विदेशी कंबोड में शौच क्रिया में आसानी रहती है अगर विदेशी कंबोड की सुविधा मिल जाए तो बीमार बेसहारा वृद्ध को सुविधा होगी।
अपने सुपरिचित मित्र को डॉ राजीव गौड़ की करुण पाती :–
‘मुझे 30 मार्च 2025 को मिश्रा जी नहलाये थे। इसके बाद आज तक नहीं नहलाया गया मैं गंदे डायपर पहने हुए हूं पेट के नीचे फंगल खुजली हो गई है गुटखा पानी के 10 रु भी इनको देने के लिए नहीं है मैंने एक फ्रेंड से 100 रु मांगे हैं शायद दे जाए। आपसे करबद्ध विनती है कि मेरे नहाने की व्यवस्था करने की कृपा करेंगे। मैं खुद ही इनको गुटका पानी के नाम से कई बार 10 – 20 –50 दे चुका हूं मेरी हालत बहुत खराब है मैं वाकर लेकर चलता हूं मेरा रूम चार सीढ़ी चढ़ने के बाद आता है विनती है कि मेरा रूम बिना सीढ़ियों वाले रूम में कर दें तो मैं खुद पानी भरकर लाने की कोशिश कर सकता हूं।कृपया मेरी दयनीय हालात पर दया करें और मुझे 10 दिन बाद नहलाने की व्यवस्था करने की दया करें मेरा गंदा डायपर फेंका जा सके मेरी विनती पर ध्यान देंगे सर और मुझे हॉस्पिटल जाने से बचाएंगे मैं कमर दर्द के कारण वाकर लेकर चलता हूं।’

उक्त हृदय विदारक मार्मिक करुण संदेश डॉक्टर राजीव गौड़ का अपने मित्र के नाम है।

डॉ राजीव गौड़ आज समाज के उन वृद्धो के सूची में शामिल हैं जिनके पास सब कुछ रहकर भी कुछ नहीं होता और वह मायूस होकर अपना जीवन अन्य के सहारे वृद्धाश्रम में काट लेते हैं लेकिन जब रोग ग्रसित शरीर हो जाता है तब की स्थिति में व्यक्ति अन्य पर आश्रित हो ही जाता है वृद्धावस्था जरावस्था अन्य पर आश्रित होता है और जब कोई भी सहयोगी नहीं होता है तब जीवन भारी दुखमय हो जाता है इस ओर जिला प्रशासन को त्वरित ध्यानाकर्षण की आवश्यकता है वृद्ध आश्रमों का बुरा हाल दिखता है चाहे वह प्रशासन के अधीन हो या निजी।कोरिया, एमसीबी,सरगुजा बिलासपुर ही नहीं अन्य जिलों में भी स्थिति संचालन कार्य सभी पैमानों पर खरा उतरता नहीं दिखता है बिलासपुर जिले के जिलाधीश, समाज कल्याण विभाग, जिला पंचायत के उच्च अधिकारियों को इस ओर प्रमुखता के साथ हस्तक्षेप कर वृद्धो के हित में कार्य करने की आवश्यकता है साथ ही इस समाचार पत्र के माध्यम से श्री गौर समाजसेवी संस्थाओं से भी अपील करते हैं कि उनकी दैनिक स्थिति को देखते हुए वृद्ध आश्रम में नित्य क्रिया के लिए विदेशी कंबोड जैसी सुविधा की व्यवस्था कर देने से तथा इलाज की सुविधा मिलने से वे अपना जीवन काट लेंगे। इससे अपने समय के चरित्र अभिनेता एवं मुंबई यूनिवर्सिटी से योगाचार्य बिलासपुर यूनिवर्सिटी के योग साइंस के प्रोफेसर अपनी बची जिंदगी सरलता और प्रसन्नता से जी सकेंगे।



