कोरिया

सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत: बया करती बेंदोंखड़ी प्राथमिक शाला, बारिश में टपकती छतें, अंधेरे में पढ़ाई

बदहाल व्यवस्थाएं और सुविधाओं की कमी,आखिर कब तक सहन करेंगे बच्चे और शिक्षक?

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मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर/ विकाशखण्ड भरतपुर के सरकारी स्कूलों में बेहतर व्यवस्थाएं होने का दावा भले ही अधिकारी करते हो, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था बदहाल है। बारिश होते ही स्कूलों की छत से पानी टपकने लगता है।

किसी स्कूल में फर्श पानी से हालात खराब है तो किसी जगह बिजली तक नहीं है। यहां अंधेरे में बैठकर बच्चे पढ़ते है। कई दिन से बारिश हुई तो कई स्कूलों की हालत बदहाल हो गई।

7-2-300x138 सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत: बया करती बेंदोंखड़ी प्राथमिक शाला, बारिश में टपकती छतें, अंधेरे में पढ़ाई

प्राथमिक विद्यालय बेंदोंखड़ी में छत से पानी टपकता रहता है, जिससे कक्षा में बच्चों को एक कोने में बैठाया जाता है। दहशत में बच्चे एक कोने में बैठकर पढ़ाई करते है। अब बारिश होते ही स्कूल की बदहाली की पोल खुल गई। चार कमरों में छत से कई जगह पानी टपक रहा था। बच्चों को पानी से बचाने के लिए अलग-अलग बैठाया गया था। बेंदोंखड़ी प्राथमिक विद्यालय की हालत सबसे ज्यादा बदतर है। चार कमरे है, जिनमें चारों जर्जर हो चुके है और छत से बहुत ज्यादा पानी टपकता है। ऐसे में वहां कभी भी छत गिर सकती है। इसलिए बच्चों को केवल एक कमरों में बैठाकर पढ़ाया जाता है। यहां करीब 32 बच्चे पंजीकृत है। शिक्षक रमेश कुमार चौहान के अनुसार स्कूल की जर्जर हालत के कारण अधिकारियों को कई बार लिखकर दिया गया है। इसके बाद भी हालत नहीं सुधारी जा रही है।
ऐसा हो सकता है कि छतों से पानी की निकासी न हो पा रही हो। इसलिए छत टपक रही हो।

प्राथमिक विद्यालय बेंदोंखड़ी प्राथमिक शाला भवन जरा सी बारिश में ही छत से पानी टपकने लगता है दीवारों से पानी रिसकर कमरों में भर जाता है जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते बच्चों की जान जोखिम में है स्थिति इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि कमरे में बच्चे बैठ नहीं पा रहे हैं वहीं प्रधान अध्यापक व स्कूल स्टाफ कक्ष में भी पानी टपक रहा है जिससे उन्हें भी परेशानी हो रही है पानी रोकने के लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा अभी तक कोई उपाय नहीं किए गए हैं लेकिन लगातार हो रही बारिश की वजह से यहां के स्कूली बच्चे परेशान हैं। रोजाना सुबह के साथ ही पूरे दिन दो से तीन बार स्कूल के कमरों से पानी को बाहर फेंकते हैं इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। स्कूल प्रबंधन ने इस समस्या से शिक्षा विभाग के अफसरों को अवगत करवाते हुए स्कूल भवन की मरम्मत की मांग की गई है स्कूल प्रबंधन का कहना है स्कूल भवन की मरम्मत की मांग पर सिर्फ आश्वासन ही मिलता है स्कूल भवन की मरम्मत अभी तक नहीं की गई है।

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प्राथमिक विद्यालय बेंदोंखड़ी के छात्र इंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि स्कूल के अंदर क्लास में पानी टपकता है और शौचालय की व्यवस्था नहीं है। पीने के लिए पानी की व्यवस्था भी नहीं है। पूरे क्लास में पानी भरा रहता है, जिससे पढ़ाई मुश्किल हो रही है।

प्राथमिक विद्यालय बेंदोंखड़ी के छात्र कमलेश सिंह ने बताया कि क्लास के छत से पानी चूता है और शौचालय जाने के लिए जगह नहीं है। ज्यादा पानी चूने पर पानी में ही बैठकर पढ़ते हैं, जिससे पढ़ाई में परेशानी होती है।

प्राथमिक विद्यालय बेंदोंखड़ी की छात्रा राधिका सिंह ने बताया कि क्लास की छत से पानी टपकता है, जिससे बैठने की जगह नहीं है और पढ़ाई मुश्किल हो रही है।

प्राथमिक विद्यालय बेंदोंखड़ी के सहायक शिक्षक रमेश कुमार चौहान ने बताया कि स्कूल में पानी टपक रहा है, जिससे बच्चों को बैठने में परेशानी होती है। टाट फट्टी पानी गिरने के कारण गीली हो जाती है। शौचालय की व्यवस्था नहीं है और पीने के पानी की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। स्कूल में लगा हैंडपम्प सही पानी नहीं दे रहा है, जिससे बच्चों को परेशानी हो रही है। इन समस्याओं के समाधान के लिए विभाग को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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